गाजीपुर। कृषि विज्ञान केंद्र पीजी कालेज के पशुचिकित्सा वैज्ञानिक डॉ. डीपी श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में हमारे किसान भाईयों के पास उनके जानवरों में बांझपन तथा बार-बार बीजदान करवाने पर न रुकने की समस्या आम है। इसके लिए किसान भाई सर्वप्रथम अपने पशुओं को कीड़े की दवा देने के पश्चात खनिज मिश्रण नियमित रूप से 50-50 ग्राम दें, जिससे 30 से 40 प्रतिशत तक जानवरों में बांझपन की समस्या से निजात मिलेगी।
इसके बावजूद भी यदि उनके पशु गर्भ धारण न कर सकें, तो वह नजदीकी पशुचिकित्सालय या कृषि विज्ञान केन्द्र, पीजी कालेज में संपर्क कर सकते हैं। बुधवार को केंद्र के परिसर में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम के अवसर पर केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं हेड डॉ. विनोद कुमार सिंह ने किसानों को औषधीय एवं सहजन की खेती के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि आर्गेनिक खेती के माध्यम से उत्पाद को एमआरएल के अनुसार पैदा कर अपने उत्पाद को विदेशों में एपीडा के माध्यम से भेज सकते हैं। किसानों से आह्वान किया कि अपने आस-पास खेतों के किनारे सहजन का वृक्ष लगा करके अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं। इस समय पौध रोपण के लिए सर्वोत्तम समय है। इस अवसर पर केन्द्र के डीके सिंह, ओमकार सिंह, आशीष कुमार वाजपेयी, मनोज कुमार मिश्रा, आशुतोष सिंह उपस्थित रहे।
आर्गेनिक खेती की दी जानकारी
मतसा। ग्रीन प्लैनेट द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत इजरी गांव में एक कार्यक्रम का आयोजन कर आर्गेनिक खेती की जानकारी दी गई। इस दौरान किसानों को आर्गेनिक खेती के प्रति जागरुक किया गया। आर्गेनिक सलाहकार सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि अच्छी उपज के लिए रासायनिक खादों की अपेक्षा खेतो में शुष्म जीवाणुओं की आवश्यकता होती है। रासायनिक उर्वरक, घास मारने की दवा से मित्र किटों की संख्या समाप्त हो रही है। आर्गेनिक पद्धति द्वारा पुन: मित्र किटों को वापस लाया जा सकता है। अच्छी उपज के लिए किसानों को जागरूक होना चाहिए।