मुख्तार के गैंगस्टर का मामले, अधिवक्ताओं के कार्य विरत रहने से हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। विशेष सत्र न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट में करंडा थाना क्षेत्र में दर्ज आरोपी मुख्तार अंसारी के विरुद्ध गैंगस्टर के मामले में शेष बहस पूरी हो गई थी, लेकिन अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत होने के कारण सहायक शासकीय अधिवक्ता द्वारा सबूत प्रस्तुत नहीं किया गया। अदालत ने 20 सितंबर की तिथि मुकर्रर किया है।
करंडा थाना क्षेत्र कपिल देव सिंह हत्याकांड को गैंगचार्ट में शामिल करते हुए करंडा थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। इस मामले में अभियोजन और मुख्तार अंसारी की ओर से एमपी एमएलए कोर्ट दुर्गेश की अदालत में बहस की कार्रवाई हो चुकी थी।
अदालत में फैसला के लिए तिथि नियत थी, लेकिन पीठासीन न्यायाधीश दुर्गेश का अन्य जनपद में स्थानांतरण होने के कारण विशेष न्यायधीश एमपी एमएलए अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर तीन अरविंद मिश्रा को बनाया गया है। मुख्तार के गैंगस्टर मामले में विगत तिथि को सुनवाई के बाद फैसला के लिए 22अगस्त की तिथि नियत थी, लेकिन सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज कुमार श्रीवास्तव ने प्रार्थना पत्र दिया कि अन्य मुकदमा से संबंधित कागजात प्रस्तुत करने के लिए एक अवसर प्रदान किया जाए। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद मौका देते हुए अदालत ने मामले में 28 अगस्त की तिथि मुकर्रर किया।पीठासिनी न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो सकी और 12 सितंबर की तिथि नियत की गई थी। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के चलते पत्रावली में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी अदालत ने उपरोक्त तिथि नियत की गई है।