गाजीपुर। ऑपरेशन व्रज चलाकर पुलिस ने कुख्यातों, शातिरों और गैंगस्टर आरोपियों के घर दस्तक देकर अपराध पर अंकुश लगाने का प्रयास तो किया, लेकिन सूचीबद्ध डी 63 के सरगना व बदमाशों पर नकेल नहीं कस सकी। अब लोगों के बीच सवाल उठ रहा है कि जब पुलिस को पता था कि कटरा गैंग का सरगना शंकर पांडेय एक वर्ष पूर्व जेल से छूटा है तो उसके हर गतिविधियों पर पुलिस की निगरानी क्यों नहीं थी। गैंगस्टर सहित सात संगीन धाराओं के मामले थे, बावजूद वह खुलेआम घूम रहा था, लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
मुश्किल से करीब 27-28 दिन पूर्व ही पुलिस ने पूरे जिले में ऑपरेशन व्रज चलाकर संगठित गिरोह चलाने वाले कुख्यातों, शातिरों एवं अपराधियों पर नकेल कसी थी। सबसे बड़ी बात तो यह है कि पुलिस की 12 टीमों ने एक साथ विभिन्न जगहों पर दबिश दी थी। यहीं नहीं ऐसे प्रत्येक अपराधियों को गिरफ्तार करने व उनके हर एक गतिविधियों पर नजर रखकर सख्त कार्रवाई का पुलिस अधिकारियों दावा किया था।
बावजूद जमानत पर जेल से बाहर आया कुख्यात कटरा गैंग का सरगना शंकर पांडेय पर पुलिस की निगाह नहीं गई है। इधर, खुले में घूम रहा कटरा गैंग का सरगना अपने साथियों के साथ मिलकर होटल मालिक के बेटे की गोलियों से भूनकर हत्याकर आसानी से भाग गया।
एएसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि पुलिस अपराधियों की लगातार निगरानी करती है। पूर्व की घटनाओं में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा था। जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार किया जाएगा।