पड़ोसी राज्य बिहार को जोड़ने वाले करीब 38 किमी ताड़ीघाट-बारा मार्ग को नेशनल हाईवे का दर्जा मिले करीब दस माह बीत गए लेकिन एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अधिकारियों और कर्मियों की उदासीनता के चलते रिफ्लेक्टर बोर्ड पर अभी भी स्टेट हाईवे प्रदर्शित होने से राहगीर भ्रमित हो रहे हैं। बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। बीते वर्ष अगस्त माह में प्रदेश सरकार ने इस मार्ग को नेशनल हाईवे का दर्जा देने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया था। इसके बाद प्रदेश सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र सरकार ने मंजूरी देने एवं लोकनिर्माण विभाग ने पत्रावलियों के जरूरी लिखापढ़ी के बाद एनएचएआई को सुपुर्द कर दिया। इसके बाद से ही इस मार्ग की देखरेख नेशनल हाईवे डिविजन वाराणसी के अधीन होने के साथ ही इस मार्ग को नेशनल हाईवे 124 सी का दर्जा दे दिया गया। जबकि मार्ग पर जगह-जगह रिफ्लेक्टर बोर्डों सहित अन्य जगहों पर अभी मार्ग को प्रदर्शित करने वाला पुराना नाम ही अंकित है। इसके कारण राहगीर यह सोचने पर विवश हो रहे हैं कि आखिर यह मार्ग नेशनल हाईवे है या स्टेट हाईवे। इस संबंध में में नेशनल हाईवे डिविजन वाराणसी के अधिशासी अभियंता एके सिंह ने बताया कि जल्द ही ताड़ीघाट बारा मार्ग पर लगे रिफलेक्टर बोर्ड पर स्टेट हाईवे - 99 की जगह नेशनल हाईवे 124 सी अंकित कर दिया जाएगा, जिससे राहगीर और वाहन चालक भ्रमित न हो सकें।