सीएमओ ने शुक्रवार को जखनिया एवं मनिहारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जखनिया के चिकित्सा अधीक्षक सहित 13 स्वास्थ्य कर्मियों के नदारद मिलने पर एक दिन का वेतन रोक दिया। साथ ही तीन दिन से अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। इससे डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों में हड़कंप मचा हुआ है। जिले के ग्रामीण इलाकों में स्थापित सीएचसी एवं पीएचसी पर चिकित्सकीय सुविधाओं का हाल जानने और डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति को मुख्य चिकित्साधिकारी डा. हरगोविंद सिंह द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। सीएमओ सबसे पहले मनिहारी सीएचसी पहुंचे। जहां तैनात डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी तैनात मिले। साथ ही साफ-सफाई की व्यवस्था भी दुरुस्त मिली। इसके बाद सीएमओ जखनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां के चिकित्सा अधीक्षक डा. योगेंद्र यादव बीते तीन दिनों से बिना किसी पूर्व सूचना के नदारद मिले। इसके अलावा डेंटल सर्जन डा. अभिषेक मौर्य, नेत्र परीक्षण अधिकारी अनिल कुमार, डेंटल हाइजीनिस्ट माया सोनकर, एएनएम सुनीता भारती, एएनएम उषा यादव, एएनएम साधना निगम, राजेश कुमार यादव, शिव लाल यादव, राजेेश प्रजापति, सुनील कुमार यादव, अवधेश गुप्ता, एमओ डा. एसके सिंह ड्यूटी से नदारद मिले। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने वेतन रोकने का आदेश दिया। इसके अलावा केंद्र पर रजिस्टर भी अपडेट नहीं मिला और सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिलने पर अपनी नाराजगी जाहिर की। इस संबंध में सीएमओ डा. हरगोविंद सिंह ने बताया कि बिना बताया तीन दिन से जखनिया चिकित्सा अधीक्षक अनुपस्थित चल रहे है। वहीं 12 स्वास्थ्य कर्मी नदारद मिले। सभी 13 कर्मियों का एक दिन का वेतन रोकने के साथ स्पष्टीकरण मांगा गया है।