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दशकों बाद भी तीन गांव के सैकड़ों घरों को नहीं मिला पानी का कनेक्शन

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सुहवल। घरों तक शुद्ध पानी पहुंचाने के उद्देश्य से रेवतीपुर ब्लाक के आठ ग्राम पंचायतों में लाखों की लागत से आठ पानी टंकी की स्थापना करने के साथ ही करीब 80 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइप लाइन बिछे करीब चार दशक बीत गए। बावजूद इसके विभागीय उदासीनता के चलते तीन गांव के सैकड़ों घरों को कनेक्शन नहीं मिल पाया है। ऐसे में यहां के लोगों की प्यास हैंडपंपों के सहारे बुझ रही है।
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गंगा के किनारे गांवों में स्थापित हैंडपंपों के पानी में आर्सेनिक की मात्रा अधिक होने से शासन की ओर से पानी टंकी का निर्माण कराया गया, लेकिन इसका लाभ कई वर्ष बीतने के बाद भी ग्रामीणों को नहीं मिल सका। क्षेत्र के बेमुआ, अठहठा एवं भिक्खीचौरा गांव के एक भी घर को अभी तक कनेक्शन जल निगम द्वारा नहीं दिया गया है। इस कारण जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है, जो विभागीय उदासीनता को साफ दर्शा रहा हैै। देखा जाए तो योजना के तहत ब्लाक में 46 ग्राम पंचायत एवं 97 राजस्व गांव के तहत 30 हजार के आसपास घर हैं। इनकी कुल आबादी करीब दो लाख के आसपास है। इसके सापेक्ष मेें विभाग के द्वारा इन आठ पानी टंकियों से महज 702 घरों में ही कनेक्शन दिया गया है। यही नहीं सबसे अधिक आबादी वाले गांव रेवतीपुर में मात्र 72 कनेक्शन ही दिए गए हैं, जबकि नगसर में 323, बसुका 75, नवली 220, मेदिनीपुर में 77, डेढ़गांवा में 105 घरों में ही कनेक्शन हैं। जबकि सुहवल स्थित पानी टंकी वर्षों से बंद पड़ी है, इससे पांच घरों में ही पानी का कनेक्शन है। जबकि जमीनी हकीकत तो यह है कि यह सिफ कागजों तक ही सिमटा हुआ है।
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