गाजीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल काॅलेज अस्पताल जल्द ही इंडोस्कोपी एवं एमआरआई की सुविधा से लैस होगा। इसको लेकर मेडिकल काॅलेज प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इससे पेट संबंधित बीमारियों की जांच के साथ ही पूरे शरीर की जांच की सुविधा बढ़ जाएगी। ऐसे में मरीजों को निजी जांच केंद्रों और गैर जनपदों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।
शहर एवं ग्रामीण इलाकों के साथ ही गैर जनपद एवं प्रांतों से भी प्रतिदिन मरीज उपचार कराने मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि प्रतिदिन ओपीडी 1500 से 2000 के आसपास होती है। इसमें करीब 800 मरीजों को जांच के लिए लिखा जाता है। इनमें करीब 400 मरीज पेट संबंधित बीमारी से पीड़ित होते हैं। रोज 100 से 150 मरीजों को इंडोस्कोपी जांच लिखी जाती है। ऐसे में मरीजों को गैरजनपद जाना पड़ता है। ऐसे में उन्हें आर्थिक दंश भी झेलना पड़ रहा है।
गंभीर बीमारियों की जांच को लेकर आ रही परेशानी को देखते हुए मेडिकल काॅलेज प्रशासन ने ठोस कदम उठाना शुरू कर दिया। एक तरफ जहां कैंसर की प्रारंभिक जांच चल रही है। वहीं एमआरआई और लीवर संबंधित जांच के लिए इंडोस्कोपी की सुविधा शुरू करने के लिए कवायद तेज कर दी गई है। वहीं एमआरआई मशीन स्थापित कराने को लेकर प्रस्ताव भी शासन को भेजने की तैयारियों में जुट गया है। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रोफेसर आनंद मिश्रा ने बताया कि एंडोस्कोपी और एमआरआई जांच के लिए कार्रवाई चल रही है। नए वर्ष में दोनों जांच शुरू होने की संभावना है। ऐसे में मरीजों को काफी सुविधा होगी।