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वीरता की प्रतीक थीं महारानी दुर्गावती

Sat, 24 Jun 2017 10:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ गाजीपुर
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बलिदान दिवस
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अखिल भारतीय गोंड महासभा की तरफ से गोंड वीरांगना महारानी दुर्गावती का 453वां बलिदान दिवस शनिवार को लंका मैदान स्थित मैरिज हाल में मनाया गया। महासभा के प्रदेश अध्यक्ष व्यासजी गोंड ने कहा कि महारानी दुर्गावती ने अपने दुश्मनों को हमेशा परास्त किया। देश की आन-बान और शान के लिए  हमेशा लड़ती रही। धोखे से जहर बुझा तीर लगने पर युद्ध क्षेत्र में अपना मस्तक अपनी मातृभूमि को स्वयं चढ़ा दिया।       
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मुख्य अतिथि जंगीपुर के विधायक डा. विरेंद्र यादव ने कही कि समाज के लोगों को महापुरुषों की ओर से किए गए त्याग का ऋणी रहना चाहिए। समृद्ध गोंड संस्कृति और सभ्यता को जन-जन तक पहुंचाया जाए। विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह ने महारानी की वीरता और जुझारूपन का उदाहरण दिा। कहा कि मैंने देखा है कि गोंड समाज के लोग किस प्रकार संघर्ष करते है।

2009 में गोंड समाज के लोगों ने जिले में आंदोलन किया था तो जिला मुख्यालय ठप सा हो गया था। कलाकारों ने हुड़का नाच और गोड़ऊ गीत ने गोंड संस्कृति को ताजा कर दिया। इस मौके पर पूर्व कमिश्नर कमलेश नारायण गोंड, प्रदेश उपाध्यक्ष रामनिवास गोंड, कमला गोंड, संकठा गोंड, जोखू गोंड, कैलाश गोंड, तेजनारायण, बब्बन गोंड, विजय गोंड, जयश्री गोंड, सर्वदेव गोंड, भगवान गोंड, उमेश गोंड, कल्पनाथ गोंड, विश्राम गोंड, मुन्ना गोंड, फूलमैन गोंड आदि थीं। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष डा. रामनाथ गोंड और संचालन जिला कोषाध्यक्ष गिरीश गोंड ने किया। जिला महामंत्री राजेंद्र गोंड ने आभार व्यक्त किया।      
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