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Ghazipur News: बिजली कर्मियों ने निजीकरण के विरोध में भरी हुंकार, प्रदर्शन

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गाजीपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली निगम के कर्मियों ने बृहस्पतिवार को निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन किया। बिजली निगम के कर्मियों ने कहा कि अगर प्रदेश में चल रही निजीकरण की प्रक्रिया को निरस्त नहीं किया गया और इसके लिए टेंडर जारी किया गया तो जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
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प्रदर्शन में कर्मचारी, जूनियर इंजीनियर व इंजीनियर शामिल हुए। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि अगर संसद के बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल पारित करने का प्रयास किया गया, तो इसकी तीखी प्रतिक्रिया होगी।
देश के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के तत्काल कार्य बंद कर लाइटनिंग स्ट्राइक पर चले जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी। पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 एवं प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लेने, उत्तर प्रदेश में चल रही निजीकरण प्रक्रिया को निरस्त करने तथा बिजली कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की गई।
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संघर्ष समिति ने बताया कि पहली बार बिजली कर्मचारियों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा और 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की। पावर सेक्टर में नियमित प्रकृति के कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग की जा रही है, जिससे न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है बल्कि बिजली व्यवस्था की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्रमुख मांगों में आउटसोर्सिंग पर रोक, नियमित पदों पर सीधी भर्ती तथा आउटसोर्स कर्मियों का नियमितीकरण शामिल है। इस मौके पर इंजीनियर पीके तिवारी, गोपाल सिंह, रामसनेही, सत्यम त्रिपाठी, मुन्नी लाल गुप्ता, निर्भय नारायण सिंह आदि मौजूद रहे।
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