गाजीपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में 18 व शहर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने का निर्देश है। लेकिन, धरातल पर इसका पालन नहीं हो रहा है। बिजली निगम इसके पीछे गर्मी के कारण बढ़े हुए लोड को कारण बता रहा है। वहीं गर्मी में बारा-बार बिजली कटौती का दंश उपभोक्ता झेल रहे हैं। शुक्रवार को शहर में सुबह दस बजे से शाम छह बजे कम से कम 25 बार बिजली कटी और आई।
बिरनो क्षेत्र में 13 से 14 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। लोकल फाल्ट के नाम पर कटौती की जा रही है। बरेसर क्षेत्र के ढोटारी पावर हाउस से 10 से 11 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। कई जगहों पर बांस के खंभों के माध्यम से तारों को दौड़ाया गया है। सेवराई तहसील मुख्यालय है। इसके बावजूद यहां केवल 12 से 15 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। शादियाबाद क्षेत्र में भी 18 घंटे बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है। केवल 14 से 15 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। जर्जर तार आये दिन टूटकर गिरते रहते हैं। लोग चंदा लगाकर इनको दुरुस्त कराते हैं। बहरियाबाद क्षेत्र में लोकल फाॅल्ट के नाम बेहिसाब बिजली कटौती की जा रही है। भीमापार क्षेत्र में प्रतिदिन छह से सात घंटे बिजली कटौती की जा रही है। बिजली कटौती से सबसे अधिक प्रभावित गरीब तबका हो रहा है, क्योंकि उनके घरों में इन्वर्टर नहीं लगा है। मरदह क्षेत्र में प्रतिदिन 4 से 5 घंटे बिजली कटौती की जा रही है। यहां तक कि तेज हवा बहने व बारिश होने की स्थिति में भी बत्ती घंटों गुल हो जाती है। नंदगंज क्षेत्र में केवल 16 घंटे बिजली आपूर्ति हो रही है। इसके अलावा दुबिहा क्षेत्र के हरदासपुर में 63 केवीए का दो ट्रांसफाॅर्मर महीनों से खराब है। ग्रामीण अब चंदा लगाकर इसको बनवाने की पहल कर रहे हैं। मौधा क्षेत्र के पोखरा मोड़ पर 150 दुकानें हैं। दुकानदार 500 मीटर दूर केबल दौड़ाकर लाइन अपने निजी खर्चें पर खींचे हैं। इसके पीछे की वजह यह है कि बिजली पोल नहीं लगाया गया है। मरदह बाजार में 11 हजार वोल्ट का तार जमीन से सात फीट की ऊंचाई पर है। बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना ने बताया कि शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में शासनादेश के तहत बिजली आपूर्ति की जा रही है। तकनीकी फाॅल्ट होने की स्थिति में ही कटौती होती है। चंदा लगाकर ट्रांसफाॅर्मर व तार बदलवाने का कोई नियम नहीं है। संबंधित क्षेत्र के ग्रामीण शिकायत करें, त्वरित समस्या का समाधान किया जाएगा।