जिले में बिजली निगम की आपूर्ति व्यवस्था बांस-बल्ली पर लटक रही है। यह नजारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। इसकी प्रमुख वजह जिले में रिहायशी इलाकों का विस्तार हो रहा है लेकिन उसकी तुलना में बिजली के खंभे नहीं लगाए जा रहे हैं। इसके कारण उपभोक्ता बांस-बल्ली के सहारे किसी तरह से बिजली का तार खींचे हुए हैं।
जनपद में 5.31 लाख उपभोक्ता हैं। उन्हें बिजली आपूर्ति मुहैया कराने के लिए एक लाख से अधिक बिजली के पोल लगाए गए हैं। वहीं नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक हर वर्ष रिहायशी क्षेत्रों का विस्तार हो रहा है।
लेकिन, इसकी तुलना में बिजली के खंभे नहीं लगाए जा रहे हैं। नगर से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में आबाद नई कॉलोनियों में लोग बिजली आपूर्ति के लिए किसी तरह से जुगाड़ करके बांस-बल्ली लगाकर बिजली के तार खींचे हुए हैं। तेज हवाएं चलने पर बांस-बल्ली के सहारे खींचे गये तार लटक जाते हैं। इससे हमेशा हादसा होने की आशंका रहती है।
संबंधित उपभोक्ता कई बार मांग कर चुके हैं कि उनके क्षेत्र में बिजली का पोल लगवाया जाए लेकिन नतीजा सिफर निकला।
बिजली निगम के प्रभारी अधीक्षण अभियंता बृजेश कुमार ने बताया कि जहां बांस-बल्ली के सहारे बिजली आपूर्ति हो रही है, वहां के लिए जल्द ही पहल की जाएगी।