स्कूली बस में लगे फायर सिलिंडर की जांच करते संभागीय निरीक्षक राजभूषण। परिवहन विभाग
लखनऊ में कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड के बाद परिवहन विभाग ने स्कूल बसों की फिटनेस जांच सख्त कर दी है। मंगलवार को फिटनेस परीक्षण के लिए पहुंचीं 15 स्कूल बसों में से आठ सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरीं। विभाग ने इन बसों को बिना फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किए वापस लौटा दिया और तीन दिन के भीतर कमियां दूर कर दोबारा जांच के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
संभागीय निरीक्षक (आरआई) राजभूषण ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले में 30 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत स्कूल बसों के साथ स्लीपर, स्टेज कैरिज और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बसों की भी गहन जांच की जा रही है। जिन वाहनों में अग्निशमन यंत्र निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिल रहे हैं, उन्हें फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जांच के दौरान अग्निशमन यंत्र की उपलब्धता, क्षमता, वैधता, क्रियाशीलता और उसके निर्धारित स्थान पर लगे होने की जांच की जा रही है। साथ ही सीसीटीवी कैमरे, फर्स्ट एड बॉक्स तथा अन्य अनिवार्य सुरक्षा उपकरणों का भी सत्यापन किया जा रहा है। स्लीपर बसों में आपातकालीन निकास, इमरजेंसी हैमर, विद्युत वायरिंग और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की विशेष रूप से जांच की जा रही है।
इसके लिए बस अड्डों, प्रमुख मार्गों और जिले की सीमाओं पर अभियान चलाया जा रहा है। राजभूषण ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि बस संचालकों, परिवहन कंपनियों और विद्यालय प्रबंधन को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी है। सभी सुरक्षा मानकों के अनुरूप पाए जाने पर ही वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।