गर्भवती महिला की मौत के बाद जंगीपुर स्थित हॉस्पिटल के पास जुटे मृतका के परिजन व ग्रामीण। संवाद
भड़सर। जंगीपुर थाना क्षेत्र के अहिरपुरवा कृष्णनगर स्थित एक निजी अस्पताल में मंगलवार की शाम उपचार के दौरान आठ माह की गर्भवती महिला की मौत हो गई। परिजनों व ग्रामीणों ने अस्पताल के संचालक एवं डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रात नौ से रात 11 बजे तक दो घंटे जमकर हंगामा किया। पुलिस ने समझा बुझाकर मामला शांत कराया। मृतक के पति ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की तहरीर दी जाएगी। नोनहरा थाना क्षेत्र के लावा निवासी जुगनू कश्यप ने बताया कि पत्नी ज्योति कश्यप (28) गर्भवती थीं। आठ माह पूरे हो गए थे। बीते 14 सितंबर की शाम पत्नी के पेट होने पर परिवार के लोग उपचार के लिए जंगीपुर स्थित अहिरपुरवा के कृष्णनगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। पत्नी की तबीयत खराब होने पर दिल्ली से मैं मंगलवार को अस्पताल पहुंच गया था। वहां के डॉक्टरों ने बताया कि प्राथमिक इलाज शुरू कर दिया गया है। डॉक्टरों ने ऑपरेशन की तैयारी के लिए दो यूनिट ब्लड की मांग की। एक निजी अस्पताल से दो यूनिट ब्लड लेकर पहुंचा तो शाम करीब पांच बजे निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि मरीज की हालत बिगड़ रही है और उसे मऊ स्थित निजी अस्पताल रेफर कर दिया। जंगीपुर के निजी के एंबुलेंस से जब पत्नी को लेकर मऊ पहुंच तो चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जंगीपुर थानाध्यक्ष विवेक तिवारी ने बताया कि परिजन शव लेकर रात नौ बजे जंगीपुर स्थित निजी अस्पताल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते कार्रवाई की मांग करने लगे। समझा बुझाकर मामला शांत कराने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। एसओ ने बताया कि परिजनों की ओर से अब तक कोई तहरीर नहीं मिली है। उधर, मृतका के पति जुगनू कश्यप ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने जबरदस्ती ब्लड की मांग कर प्रसव कराने का दबाव बनाया, जबकि इसके पूर्व भी दो बच्चों पैदा हुए थे तो पत्नी का ऑपरेशन हो चुका था, लेकिन उस समय कोई समस्या नहीं हुई थी। आरोप लगाया कि यह मौत अस्पताल संचालक और डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही का नतीजा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दी जाएगी।
जंगीपुर के अहिरपुरवा कृष्णनगर स्थित निजी अस्पताल पंजीकृत है। गभर्वती महिला की मौत की जानकारी होने पर जांच टीम गठित कर दी गई है। साथ ही निजी अस्पताल के संचालक और डॉक्टरों को नोटिस जारी कर तलब किया गया है। - डाॅ. सुनील पांडेय, सीएमओ गाजीपुर।