जिले में ईद-उल-अजहा का पर्व मंगलवार को परंपरागत ढंग से मनाया गया। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बकरीद की नमाज अदा की। इसके बाद अल्लाह की रहा में बकरे की कुर्बानी दी। विभिन्न स्थानों पर हुई तकरीर में मौलाना ने कहा कि बकरीद के मौके पर कुर्बानी से सवाब मिलता है। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को लगे लगाकर मुबारकबाद दी। शहर के ईदगाह के बाहर मेले जैसी स्थिति बनी रही। पर्व को लेकर छोटे-छोटे बच्चो में ज्यादा उत्साह दिखाई दिया। दोपहर बाद से लोगों का एक-दूसरे के घरों को आने-जाने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह देर रात तक चलता रहा। घरों पर पहुंचकर लजीज व्यंजनों का स्वाद चखने के साथ ही लोगों ने एक-दूसरे को पर्व की बधाई दी।
बकरीद पर्व के अवसर पर शहर के मुख्य ईदगाह के अलावा शहर की छोटी-बड़ी सभी 28 मस्जिदों पर सुबह के वक्त बकरीद की नमाज अदा की गई। विशेश्वरगंज स्थित शहर की बड़ी ईदगाह, रजदेपुर, मुगलपुरा, सुजावलपुर, नुरुद्दीनपुरा, कपूरपुर, मारकीनगंज, टेढ़ीबाजार, जूडन शहीद, सैयदबाड़ा, टाउनहाल, नियाजी, पीरनगर, जामा मस्जिद गोराबाजार, खजुरिया, नखास, रुईमंडी, शेखपुरा, उर्दूबाजार, काजी मस्जिद में सुबह नए कपड़े धारण कर पहुंचे मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा की। सबसे ज्यादा भीड़ विशेश्वरगंज स्थित ईदगाह पर दिखी। अपने परिवार के साथ छोटे-छोटे बच्चे भी नमाज स्थल पर मौजूद थे। नमाज पढ़ने के बाद लोगों के साथ बच्चों ने भी एक-दूसरे के गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। ईदगाह पर नमाज खत्म होने के बाद मौलानाओं ने कुर्बानी से मिलने वाले सवाब के बारे में बताया। भीड़ के चलते ईदगाह के आसपास मेले जैसी स्थिति बनी रही। पर्व को लेकर समुदाय के लोगों में जबरदस्त उत्साह रहा।