विभिन्न सवालों को लेकर भाकपा (माले) ने शुक्रवार को सरजू पांडेय पार्क में धरना-प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की। इस मौके पर भाकपा (माले) राज्य स्थायी समिति सदस्य और पार्टी जिला सचिव रामप्यारे राम ने कहा कि आजादी के बाद से प्रदेश और केंद्र की भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा सरकारें आईं। लेकिन वनवासी समाज का जीवन स्तर सुधारने का काम किसी ने नहीं किया।
कहा कि भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा सरकार ने आज तक वनवासी समाज को छलने का काम किया है। वनवासियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल कर सरकारी नौकरियों सहित शिक्षा, चिकित्सा के क्षेत्र में अवसर दिया जाना जरूरी है।
कहा कि पंचायत चुनाव में हर ब्लाक में ग्राम प्रधान की सीट को एसटी के लिए आरक्षित किया गया। जिस गांव में भारी संख्या में वनवासी बसे हैं, उन्हें पंचायत चुनाव लड़ने से इस तरह वंचित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से एसटी सीटों पर वनवासियों को चुनाव लड़ने का मौका, अधिकार देने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि समय रहते मांगें पूरी नहीं की गई तो गांव-गांव में वनवासी समाज चुनाव बहिष्कार का रास्ता अख्तियार करने को मजबूर होगा। कहा कि गांव समाज की बंजर जमीनों पर जहां भी वनवासी बसे हैं, उन्हें लाठी-डंडे के बल पर उजाड़ा जा रहा है।
भाकपा (माले) जिला कमेटी सदस्य राजेश वनवासी ने कहा कि बड़ी संख्या में वनवासी लालकार्ड पाने से वंचित हैं। धरना से पूर्व तुलसीसागर लंका मैदान से जुलूस निकाला गया। अंत में राज्यपाल और डीएम को संबोधित 16 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर विजयी वनवासी, मुराली वनवासी, राजेश एकलव्य, विरेंद्र गौतम, अजीत वनवासी आदि ने विचार व्यक्त किया।