शहर के बबेड़ी स्थित लॉन में भारतीय शिक्षा बोर्ड की बैठक में निजी विद्यालयों को प्रबंधकों को जान
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गाजीपुर। भारतीय शिक्षा बोर्ड की बैठक रविवार को एक गार्डेन में हुई। इस मौके पर मुख्य वक्ता बोर्ड के चेयरमैन डॉ. एनपी सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के मूल उद्देश्यों को आत्मसात करते हुए बोर्ड एनसीएफ के अनुसार कार्य कर रहा है। शिक्षा केवल नौकरी के लिए नहीं, बल्कि जीवन के समग्र विकास के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड का उद्देश्य एक ऐसी शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देना है जिसमें आधुनिक विज्ञान, गणित और तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ वेद, उपनिषद, आयुर्वेद, योग, संस्कृत, गीता और अन्य भारतीय ज्ञान परंपराओं का समावेश हो। भारतीय शिक्षा पद्धति को पुनः जीवंत कर विश्व का नेतृत्व करने की दिशा में यह एक सशक्त प्रयास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निजी विद्यालयों को इस बोर्ड से जोड़कर एक स्वदेशी, सशक्त और मूल्यनिष्ठ शिक्षा प्रणाली का निर्माण किया जा रहा है, जो विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ संस्कारित भी करेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि अच्छे नागरिकों का निर्माण करना है। उन्हें आधुनिक विषय गणित, विज्ञान की शिक्षा भी दी जाएगी। यह बोर्ड हिंदी-अंग्रेजी दोनों माध्यमों से पढ़ने का अवसर देगा। यह बोर्ड भारत सरकार की ओर से गठित है, पूर्ण वैधानिक है। यह हाईस्कूल और इंटर की मान्यता देगा। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी दिनेश कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव, प्रधानाचार्य राजकीय सिटी इंटर कालेज दिनेश यादव, बृजमोहन, डॉ. विजय यादव, विशाल चौरसिया, दुर्गेश चौबे, मृत्युंजय यादव, मनीष अग्रवाल, अभिनव, बलराम आदि उपस्थित थे।