गाजीपुर। बाल विकास विभाग में फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र पर नौकरी करने वाली एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मामला प्रकाश में आया है। जांच के बावजूद विभाग के अधिकारियों द्वारा कार्रवाई के नाम पर हीला-हवाली करने के साथ ही रिपोर्ट फाइलों के ढेर दबाने का प्रयास किया जा रहा है। जमानिया क्षेत्र के रक्सहां में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बसंती देवी का शैक्षिक प्रमाण फर्जी होने की शिकायत की गई थी। जांच के शिकायत सही पाई गई और जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंप दी थी। इसके बाद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। मालूम हो कि शिकायतकर्ता दिलदारनगर निवासी महेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी से बीते 11 दिसंबर 2019 को शिकायत की थी कि बसंती देवी ने फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी प्राप्त किया है। इस पर जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। जिस पर बाल विकास परियोजना अधिकारी भदौरा द्वारा पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुसी के प्रधानाध्यापक को बसंती देवी का अंक पत्र व टीसी जांच के लिए भेजा गया। कुछ दिन बाद जांच रिपोर्ट में पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुसी के प्रधानाध्यापक ने प्रमाण पत्र 1993 में निर्गत नहीं होने की जानकारी दी। जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार पांडेय ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बसंती को नोटिस देकर सभी शैक्षिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वह दूसरा प्रमाण पत्र दिखा रही हैं। ऐसे में विभाग उनकी सेवा समाप्त करने जा रहा है। पत्रावली तैयार की जा रही है।