रेवतीपुर। सीएचसी रेवतीपुर में विभागीय उदासीनता के चलते करीब 70 लाख रुपये की लागत से खरीदा गया वातानुकूलित सचल अस्पताल वाहन पिछले दस साल से धूल फांक रहा है। इसमें मरीजों के इलाज के लिए रखे गए लाखों के उपकरण खराब हो गए हैं। वाहन में रखे कई सामान तो गायब भी हो गए हैं। बसपा शासनकाल में परिवार कल्याण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री महामाया सचल अस्पताल योजना शुरू की गई थी। इसके तहत सरकारी अस्पतालों को सचल अस्पताल का वाहन उपलब्ध कराए गए थे। वाहन पर एक चिकित्सक, फार्मासिस्ट, नर्स की संविदा पर नियुक्ति के साथ ही मरीजों के उपचार के लिए दवाएं, उपकरण मुहैया कराए गए थे। जिम्मेदारों के लापरवाही के चलते इसका लाभ जनता को नहीं मिल पाया। रेवतीपुर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार का कहना है कि वाहन जर्जर हो चुका है। शासन को इसकी दशा सुधारने के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली।