गाजीपुर। जिले में एडिशनल सीएमओ के 13 पद लंबे समय से खाली हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित योजनाओं के सफल संचालन पर बाधा आ रही है। सीएचसी-पीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं का हाल जानने तक के लिए अधिकारी नहीं हैं। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मचारी और चिकित्सक मनमानी कर रहे हैं। मात्र दो एसीएमओ के भरोसे स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाना नवागत सीएमओ के लि चुनौती बनी हुई है। हालांकि सीएमओ खाली पदों पर तैनाती के लिए शासन को पत्र लिखा है। जनपद में 16 सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसके साथ ही न्यू पीएचसी और उपकेंद्र का भी संचालन हो रहा है। ऐसे में इन केंद्रों की निगरानी करने के लिए एसीएमओ को नोडल अधिकारी बनाया जाता है, जिससे इनके द्वारा लगातार उन केंद्रों का निरीक्षण किया जाए। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं का सफल संचालन और शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं का सफल संचालन करके जन-जन तक पहुंचाया जाए। जबकि स्थिति यह है कि कुछ एसीएमओ सेवानिवृत्त हो गए, जिससे पद खाली हो गए, वहीं कुछ एसीएमओ का स्थानांतरण अन्यत्र जनपदों में कर दिया गया। ऐसे में खाली हो चुके पदों पर एसीएमओ की तैनाती नहीं हो सकी। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी होती गई। सबसे अधिक परेशानी चिकित्सकीय सेवाओं के लिए संचालित योजनाओं के क्रियान्यवन में हो रही है। इधर सीएचसी- पीएचसी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी मनमानी रवैया अख्तियार करके बिना सूचना गैर हाजिर रहते हैं, जिससे शासन की मंशा के अनुरूप आमजनों को चिकित्सकीय सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। इस संबंध में सीएमओ डा. देश दीपक पाल ने बताया कि एसीएमओ के पद खाली होने से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। खाली पड़े पदों पर तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।