करंडा के परमेठ गांव के पास बालू के ढूहा में दबकर बच्ची की मौत के बाद लगी लोगों की भीड़।
थाना क्षेत्र अंतर्गत परमेठ गांव में रविवार की सुबह खेत में बलुई मिट्टी का ढूहा गिरने से उसमें दबकर आठ वर्षीय एक छात्रा की मौत हो गई। इस घटना से मृतका के घर कोहराम मच गया।
परमेठ गांव निवासी प्रदीप विश्वकर्मा की पुत्री ज्योति विश्वकर्मा (8) कुछ बच्चों के साथ रविवार सुबह करीब नौ बजे घर से कुछ दूर स्थित एक खेत में खेलने के लिए गई थी। खेत में एक ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण के लिए गड्ढा खोदा गया था।
उसी गड्ढे में सभी बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान बलुई मिट्टी का ढूहा भरभराकर गिर पड़ा, जिसमें ज्योति दब गई। उसके दबते ही अन्य बच्चे चिल्लाते हुए ज्योति को मिट्टी से निकालने के प्रयास में जुट गए। जब वह उसे निकाल नहीं पाए तो दौड़कर ज्योति के घर पहुंचे और घटना की जानकारी दी। आनन-फानन में परिवार और गांव के लोग मौके की तरफ दौड़ पड़े। आपा-धापी के बीच लोगों ने मिट्टी हटाकर ज्योति को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। परिजन शव को लेकर घर आए और पुलिस को जानकारी दी।
ज्योति की मौत से घर में कोहराम मच गया। पास-पड़ोस के लोग बिलख रहे लोगों को सांत्वना देने में जुट गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। इस संबंध में थानाध्यक्ष त्रिवेणीलाल सेन ने बताया कि चोचकपुर-गाजीपुर मुख्य सड़क की पटरी पर मिट्टी डालने के लिए सड़क निर्माण कराने वालों ने गड्ढा खोदा था। बच्चे उसी गड्ढे में खेल रहे थे कि बलुई मिट्टी होने के कारण अचानक ढूहा भरभरा कर बच्चों पर गिर पड़ा, जिसमें दबने से बच्ची की मौत हो गई। यदि तहरीर मिलती है तो संबंधित ठेकेदार पर केस दर्ज होगा।