गाजीपुर। स्थानीय डिपो में बसों की संख्या बढ़ा दी गई है लेकिन चालक-परिचालकों की कमी दूर नहीं हो पा रही है। 192 चालकों के मुकाबले 115, जबकि इतने ही परिचालकों के पदों के मुकाबले 113 ही तैनात हैं। ऐसे में 77 चालक और 79 परिचालकों की कमी है। नतीजा सभी बसें नहीं निकल पा रही हैं। इससे जहां यात्रियों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। वहीं डिपो को रोजाना करीब 25 हजार से अधिक की चपत लग रही है।
स्थानीय डिपो की ओर से कई महानगरों कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी के साथ ही आसपास के जिलों आजमगढ़, मऊ आदि के लिए बसों का संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही कई ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी बसें चलाई जा रही हैं। एक-डेढ़ वर्ष के भीतर जिले को कई नई बसें मिली हैं। इनमें कम सीट वाली 7 बसें हैं। इससे रोडवेज के बेड़े में अब बसों की संख्या 89 हो गई हैं। इन बसों को चलाने के लिए 192 चालकों की जरूरत है लेकिन नियमित और संविदा मिलाकर कुल 115 चालक हैं। इसमें 29 नियमित और 86 संविदा चालक हैं। इस प्रकार 77 चालकों की कमी है। कमोबेश इसी तरह की स्थिति परिचालकों की भी है। 192 परिचालकों की जरूरत है, जबकि नियमित, संविदा और आउटसोर्स को मिलाकर 113 परिचालक हैं। इसमें 15 नियमित, 85 संविदा और 13 आउटसोर्स के हैं। ऐसे में 79 परिचालकों की कमी है। डिपो प्रबंधन की मानें तो इनकी कमी के चलते रोजाना करीब 12 बसें विभिन्न रूटों पर नहीं निकल पा रही हैं। वहीं 10 बसों का बिल्कुल संचालन नहीं हो रहा है। इसका नतीजा लोकल मार्गों पर चलने वाली बसें प्रभावित हो रही हैं। जल्द बसें नहीं मिलने से यात्रियों की डग्गामार वाहनों से सफर करना मजबूरी बन गई है। इस तरह डिपो को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस समस्या से निपटने के लिए संविदा चालकों की भर्ती के लिए लगातार कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें कई का चयन भी हुआ है लेकिन अभी भी जरूरत पूरी नहीं सकी है।
यात्री बोले-
आजमगढ़ जाने वाली बस की आधा घंटे से प्रतीक्षा कर रहे हैं। बस मिली है तो अब कुछ यात्रियों के मिलने पर बस आगे के लिए रवाना होगी।- विनोद, करहा
करीब आधा घंटा इंतजार करने के बाद 12.30 बजे आजमगढ़ जाने वाली बस मिली है। दिन में डेढ़ बजे इसके रवाना होने की बात बताई गई है। समय से गंतव्य पर नहीं पहुंच पाएंगे।- शकुंतला, शमसाबाद
समय पर बस न मिलने पर कई यात्रियों की डग्गामार वाहनों से सफर करना मजबूरी बन जा रही है। परिवार संग चलने वालों को इस मौसम में यह समस्या अखर रही है।- रामदास, केशरुआ
डिपो की तरफ से समय-समय पर विभिन्न तहसील क्षेत्रों में संविदा चालकों की भर्ती के लिए कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इनमें कुछ का चयन किया गया है, चालकों की कमी से संचालन पर विशेष प्रभाव न पड़े, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।- विवेकानंद सिन्हा, केंद्र प्रभारी