गाजीपुर। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी और जांच की पर्याप्त सुविधा न होने से लोगों का जन आरोग्य मेले से मोहभंग होता जा रहा है। मेले में सिर्फ सामान्य बीमारियों का उपचार हो पा रहा है। रविवार को 62 केंद्रों पर आयोजित मेले में डायरिया, पेट दर्द, उल्टी और वायरल बुखार के ही ज्यादातर मरीज पहुंचे। इस दौरान करीब 2100 मरीजों ने विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार कराया।
हर सप्ताह के रविवार को न्यू पीएचसी और स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर जन आरोग्य मेले का आयोजन किया जाता है। हालांकि विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने के कारण गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को मेले का लाभ नहीं मिल पाता।
गहमर : पीएचसी पर सुबह से ही मरीजों का आने का क्रम शुरू हो गया। इसमें बुखार, डायरिया, उल्टी-दस्त, पेट दर्द, चर्मरोग, सिर दर्द, चक्कर आना और खुजली केक मरीज उपचार कराने पहुंचे थे। इसके अलावा उच्चर क्तचाप, सुस्ती, थकावट और कमजोरी की शिकायत वाले मरीज भी पहुंचे। चिकित्सकों ने जिन मरीजों की स्थिति गंभीर मिली, उन्हें भदौरा सीएचसी भेजा गया। चिकित्सक डॉ. अंकित सिंह ने मरीजों की जांच की। मरीज वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि कई वर्षों से मधुमेह से पीड़ित हूं। सीएचसी-पीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती होनी चाहिए। पेट दर्द और डायरिया की समस्या से पीड़ित मयंक उपाध्याय ने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी खलती है।
नंदगंज : नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ. पंकज ने 55 मरीजों का उपचार किया। नोडल और एसीएमओ डाॅ. मनोज सिंह ने बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों ने शासन को पत्र लिखा है।