गाजीपुर जिले के सुहवल क्षेत्र के कालूपुर गंगा तट पर पिछले 28 दिनों से फंसे एक मालवाहक जलपोत को निकालने के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्लूएआई) ने शुक्रवार से बड़े पैमाने पर ड्रेजिंग अभियान शुरु कर दिया है। जलस्तर कम होने के कारण यह पोत नदी में फंस गया था। जलमार्ग के निर्धारित रूट पर कटर सक्शन ड्रेजर मशीन की सहायता से नदी के भीतर जमा रेत को हटाने का कार्य शुरू किया गया है।
भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के डिप्टी डायरेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि ड्रेजर मशीन से नदी तल से पर्याप्त गहराई तक रेत हटाए जाने के बाद जलमार्ग में जलस्तर सामान्य होगा। जलस्तर सामान्य होने पर फंसे हुए मालवाहक जहाज को सुरक्षित रूप से वाराणसी के लिए रवाना किया जा सकेगा।
यह पोत कोलकाता से वाराणसी जा रहा था और खाली था। यह मालवाहक जलपोत लगभग 55 मीटर लंबा, 10 मीटर चौड़ा और करीब 300 टन वजनी है। इस पर आधा दर्जन क्रू सदस्य सवार थे। हमीद सेतु से पहले कालूपुर गंगा तट के पास नदी में जलस्तर काफी कम होने के कारण यह पोत बीच में फंस गया था। इसे निकालने के कई प्रारंभिक प्रयास असफल रहे थे। यह मालवाहक जलपोत वाराणसी में निर्माणाधीन फ्लोटिंग जेट्टी परियोजना से जुड़े भारी उपकरणों और सामग्रियों के परिवहन के लिए इस्तेमाल किया जाना था।
डिप्टी डायरेक्टर के मुताबिक अक्टूबर माह में कोलकाता से विदेशी पर्यटकों को लेकर दो मंजिला लग्जरी यात्री क्रूज एमवी गंगा विलास को वाराणसी तक संचालित किया जाना प्रस्तावित है। ऐसे में राष्ट्रीय जलमार्ग पर पर्याप्त गहराई और सुचारु नौवहन व्यवस्था बनाए रखना प्राधिकरण के लिए एक बड़ी चुनौती है।