अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की ओर से गुरुवार को पीरनगर में देश के प्रथम राष्ट्रपति एवं संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती मनाई गई। इस दौरान पीरनगर स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। वक्ताओं ने
उनको सादगी एवं सरलता का प्रतीमान बताते हुए उनके पद चिन्हों पर चलने का संकल्प लिया।
इस दौरान आयोजित गोष्ठी में कायस्थ महासभा के कार्यकर्ताओं ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश
घोषित करने की मांग की। इस अवसर पर महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि डा. राजेंद्र प्रसाद बचपन से ही अत्यंत मेधावी छात्र थे। वह जिस सम्मान के हकदार थे वह उन्हें नहीं मिला। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रपिता
महात्मा गांधी के अनुयायी थे। उन्हें बिहार का गांधी भी कहा जाता था। इस मौके पर पारसनाथ सिंह, परमानंद श्रीवास्तव, अशोक श्रीवास्तव, परशुराम लाल, चंद्रप्रकाश लाल, चंद्र प्रकाश, विजय प्रकाश, देवेंद्र, पियूष, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, आनंद,
सुनील दत्त, संतोष, राजेश आदि मौजूद रहे। संचालन मोहन लाल श्रीवास्तव ने किया। इसी क्रम में चित्रगुप्त वंशी सभा की ओर से डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती न्याय दिवस के रूप में मनाई गई। शास्त्री नगर स्थित सिटी मांटेसरी पब्लिक स्कूल
परिसर में न्याय दिवस की प्रासंगिकता के विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई।
इस मौके पर डॉ. रमाशंकर लाल, आनंद शंकर श्रीवास्तव, प्रतिमा श्रीवास्तव, बृजभूषण दूबे, नीरज, ओम प्रकाश,
यशोवर्धन, परशुराम लाल, शिवशंकर सिन्हा, राजेश श्रीवास्तव, भूपेंद्र, पारस सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन संस्था के मंत्री अजय श्रीवास्तव ने किया। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन की ओर से गुरुवार को एसोसिएशन के वाचनालय कक्ष
में देश के डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती अधिवक्ता दिवस के रूप में मनाई गई। इस मौके पर अधिवक्ताओं ने उनकी कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। इस मौके पर राम नारायण कुशवाहा, रणधीर सिंह, दशरथ यादव, श्रीकांत तिवारी, दामोदर
कुशवाहा, शिवजी श्रीवास्तव, अवधेेेश यादव, ऋषिदेव पांडेय आदि ने अपना विचार व्यक्त किया। अध्यक्षता अध्यक्ष चिरायु प्रसाद श्रीवास्तव और संचालन शशिकांत यादव ने किया।