गाजीपुर। डॉ. अपराजिता सिंह चार दिन के विशेष प्रशिक्षण के लिए बुधवार को रूस रवाना हो गईं। उन्हें मॉस्को के प्रतिष्ठित यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट प्रशिक्षण केंद्र (जीसीटीसी) में विशेष अंतरिक्ष प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। वह 13 जून को रूस पहुंच जाएंगी। 14 से 18 जून तक रूस में रहेंगी। यह अवसर उन्हें एयरोस्पेस क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध कार्य के आधार पर प्राप्त हुआ है, जिस पर वहां चर्चा होगी।
लंका के प्रोफेसर कालोनी निवासी सुजीत कुमार सिंह की बेटी डॉ. अपराजिता ने 12वीं तक शहर के लुर्दस कॉन्वेंट बालिका इंटर काॅलेज से की है। इसके बाद वह एनआईएफटी भुवनेश्वर में बैचलर आफ डिजाइनिंग (टेक्सटाइल डिजाइन डिपाटमेंट) से कर रही हैं। उनकी मां गुड़िया सिंह गृहणी हैं। 20 वर्षीया अपराजिता को डॉक्टरेट की मानद उपाधि अमेरिका की प्रतिष्ठित कैनेडी यूनिवर्सिटी ने दी है। अपराजिता ने बताया कि उन्होंने ईको नोवा स्पेस सूट और रोबोटिक्स जैसे नवाचारों के साथ अंतरिक्ष अनुसंधान को सुरक्षित और बुद्धिमान बनाने में योगदान दिया है। मॉस्को में उन्हें जीरो ग्रेविटी, स्पेस मिशन प्रोटोकॉल और अंतरिक्ष-अनुकूल तकनीकों की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी और उसपर चर्चा भी होगी। गगनयान-5 मिशन में भारत, रूस और अमेरिका के अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। भारत की ओर से इस प्रशिक्षण का नेतृत्व कैप्टन शुभांशु शुक्ला कर रहे हैं। यह प्रशिक्षण नासा, इसरो, डीआरडीओ, रॉसकॉसमॉस और जीसीटीसी जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग हो रहा है।