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पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण बर्दाश्त नहीं

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गाजीपुर। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों की बैठक 132 केवी उपकेंद्र अंधऊ स्थित संगठन कार्यालय पर सोमवार को हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि निगम के निजीकरण के विरोध में एक सितंबर से बिजली कर्मचारियों/ संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं का ध्यानाकर्षण आंदोलन किया जाएगा। संघर्ष समिति के जिला संयोजक निर्भय नारायण सिंह, इंजीनियर शिवम राय, इंजीनियर शत्रुघ्न यादव ने पावर कार्पोरेशन प्रबंधन पर तानाशाही पूर्ण रवैया अपनाने और ऊर्जा क्षेत्र में औद्योगिक अशांति पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि ध्यानाकर्षण कार्यक्रम को कुचलने के लिए पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने संघर्ष समिति को भेजे गए पत्र में धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया है। जिसमें विरोध प्रदर्शन करने पर आवश्यक सेवा अधिनियम और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत एक साल की जेल तथा पैंडेमिक एक्ट के तहत जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई हैै। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान बिजली कर्मियों ने दिन रात परिश्रम कर जिस कुशलता से बिजली आपूर्ति बनाए रखी है। प्रबंधन अपनी अक्षमता और विफलता छिपाने के लिए निजीकरण थोप रहा है। कहा कि बिजलीकर्मी जनता की कठिनाइयों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और ध्यानाकर्षण कार्यक्रम के दौरान बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बनाई रखी जाएगी। इस मौके पर इंजीनियर आदित्य पांडेय, इंजीनियर महेंद्र मिश्रा, इंजीनियर मनीष कुमार, इंजीनियर आशीष चौहान, इंजीनियर अभिषेक राय, इंजीनियर अमित कुमार मौजूद रहे ।
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