शराब कंपनी के मैनेजर स्व. मनोज सिंह की पत्नी मीना सिंह ने बुधवार को सर्वदलीय संघर्ष समिति के संयोजक अरुण सिंह के नेतृत्व में अपर जिलाधिकारी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने 16 मार्च को शहर के सकलेनाबाद स्थित यूको बैंक के पास हुई मनोज सिंह की हत्या और 28 लाख रुपये लूट की घटना की विवेचना प्रदेश पुलिस से हटाकर सीबीआई से कराने संबंधी पत्रक सौंपा।
अपर जिलाधिकारी मुरलीधर मिश्र को दिए गए पत्रक में कहा गया है कि अपराधियों को गिरफ्तार करने में विलंब तथा पुलिस की असफलता के विरोध में 19 मार्च को सत्याग्रह किया गया था। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक एवं प्रभारी जिलाधिकारी ने आश्वस्त करते हुए बताया था कि पुलिस अपराधियों को चिह्नित कर चुकी है। गिरफ्तारी के लिए 12 दिन का समय मांगा। इसके बाद भी गिरफ्तारी न होने पर 15 अप्रैल को समिति की तरफ से गाजीपुर बंद का आह्वान किया गया। इसके बावजूद पुलिस अभी तक अपराधियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
इस घटना के बाद भी जिले में कई अन्य लूट की घटनाएं घटित हुई है। पत्रक में मीना सिंह ने कहा है कि उनका एवं उनके अल्पवयस्क बच्चों को लगने लगा है कि इस घटना का पर्दाफाश करना और अपराधियों को पकड़ना जिले की पुलिस से संभव नहीं है। साथ ही अपराधियों को प्रदेश सरकार के प्रभावशाली मंत्री का संरक्षण प्राप्त होने की भी चर्चा है। इसी वजह से पुलिस उनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर रही है। ऐसे में उन्होंने घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। पत्रक देने के समय मनोज सिंह की माता रामदासी देवी, पिता हरबंधुु सिंह, पुत्र रुद्रप्रताप सिंह, बहन प्रतिभा सिंह, पुत्रियां मोनिका, महिमा, भाई प्रमोद सिंह के अलावा शीला देवी, गौतम मिश्र, दुर्विजय बिंद, अबु फखर, राजन्द्र वर्मा, शकील अहमद, विनोद सिंह, कमलेश लाला, दुर्गेश श्रीवास्तव, अभिमन्यू सिंह, आसिफ खां, अजय सिंह, बृजेश सिंह काकन तथा सुरेश सिंह आदि मौजूद थे।