समाजवादी पार्टी के जिला कार्यकारिणी की मासिक बैठक शनिवार को लोहिया भवन
परिसर में हुई। इसमें निर्विरोध निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.
वीरेंद्र यादव एवं प्रदेश कोआपरेटिव यूनियन के नवनिर्वाचित सभापति पूर्व
विधायक उमाशंकर कुशवाहा का कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। साथ
ही निर्वाचन आयोग के द्वारा 1 जनवरी को चलाए जा रहे मतदाता पुनरीक्षण
कार्यक्रम, पार्टी कार्यालय लोहिया भवन में सपा के चिंतक डॉ. राम
मनोहर
लोहिया की प्रतिमा लगाने एवं शेष बचे मरम्मत कार्य को जल्लद से जल्द पूरा
करने पर गंभीर चर्चा की गई।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सिंह
ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर डॉ. वीरेंद्र यादव के निर्विरोध निर्वाचित
होने पर कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह सपा के पुरखों की कमाई है
कि आज सपा नित्य नई ऊचाईयों को छूने में सफल है। उन्होंने कहा कि
कार्यकर्ताओं के मेहनत का ही परिणाम है कि आज हम लोग इस मुकाम पर हैं।
यह
जीत धर्म निरपेक्ष ताकतों की जीत है। आगामी विधान सभा चुनाव में जीत का
सपना देखने वाली भाजपा को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। कैबिनेट
मंत्री कैलाश यादव ने कहा कि समाजवादी नीतियों के बल पर ही
देश को आगे ले
जाया जा सकता है। देशवासियों की बुनियादी समस्याओं को हल करना और लोकतंत्र
एवं धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करना ही हमारे दल का मुख्य मकसद है। इस अवसर
पर डॉ. सानंद सिंह, पूर्व एमएलसी बच्चा
यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष सुदर्शन
यादव, रामधारी यादव, मुन्नन, राजेश राय पप्पू, अरुण कुमार श्रीवास्तव,
राजेंद्र यादव, सत्या यादव, छोटे यादव, धर्मदेव यादव, अमला यादव, तहसीन
अहमद, दिनेश यादव, अरुण यादव, डॉ. सीमा यादव,
योगेंद्र राय, डॉ. नन्हकू
यादव, विजय यादव, आबदा खानम, संगीता यादव, पप्पू यादव, आत्मा यादव, अक्षय
लाल कनौजिया, राम प्रकाश कुशवाहा, देवनाथ कुशवाहा आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता
जिलाध्यक्ष राजेश कुशवाहा और संचालन
महासचिव सदानंद यादव ने किया।
शासन के दबाव में की गई लोकतंत्र की हत्या
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी का पर्चा निरस्त किए जाने को रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने दुखद बताया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि शासन के दबाव में प्रशासन ने कमी निकाल कर भाजपा प्रत्याशी
का पर्चा निरस्त किया। इस मामले में भाजपा कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
सिद्धेश्वरनगर कालोनी में स्थित अपने संसदीय कार्यालय में शनिवार को रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि सत्ता पक्ष के प्रत्याशी को निर्विरोध निर्वाचित कराने के लिए पहले से ही साजिश रची गई थी। अगर सत्ता पक्ष के लोग जीत
के प्रति आश्वस्त थे तो उन्हें वोट कराना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रत्याशी का नामांकन पत्र पूरी तरह से दुरुस्त था और सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किया गया था। जमानत राशि ट्रेजरी में ही जमा होती है, इसकी
जानकारी प्रशासन को होती है। नामांकन प्रस्तुत करते समय भी नामांकन पत्रों को देखा जाता है। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी हरेंद्र यादव के नामांकन को निरस्त करने का कोई औचित्य नहीं था। उन्होंने कहा कि शासन के दबाव में
नैतिकता को तोड़कर तोड़ते हुए लोकतंत्र की हत्या की गई। इस मुद्दे को लेकर भाजपा कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।