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जिले को अब तक मिली चार लाख 40 हजार पुस्तकें

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गाजीपुर। परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की पाठ्य पुस्तकें जिले को मिलने लगी है। अब तक विभिन्न कक्षाओं की चार लाख 40 हजार पुस्तकें मिल चुकी हैं। इनका सत्यापन जनपदीय कमेटी से कराकर बच्चों को वितरित करने के लिए पुस्तकें बीआरसी को भेजी जा रही है। जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक एवं 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। इसके अलावा 14 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, 12 राजकीय माध्यमिक विद्यालय के साथ ही समाज कल्याण विभाग से सहायता प्राप्त 53, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से सहायता प्राप्त मदरसे 23, बेसिक से सहायता प्राप्त 73 तथा माध्यमिक से सहायता प्राप्त 96 सहित कुल 2540 विद्यालयों में नामांकित करीब साढ़े तीन लाख बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें दी जानी है। गरमी की छुट्टियों के बाद विद्यालय खुले करीब दो महीने बीत गए हैं लेकिन अभी तक जिले को पूरी पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी है। बीते वर्ष की तरह इस बार भी बच्चों को किताबें देर से ही मिलेगी। मिली जानकारी के अनुसार अब तक कक्षा-एक, दो, तीन, चार, पांच एवं सात के बच्चों की तेरह विषयों की चार लाख 40 हजार पुस्तकें मिली है। इसमें कक्षा-एक की कलरव 32340, दो की किसलय 12600, कक्षा-तीन की पंखुड़ी 51165, हमारा परिवेश 40415, संस्कृत पियूषम 24 हजार, चार की फुलवारी 49137, अंकजगत 39300, पर्यावरण की 39300 पुस्तकें हैं। इसके अलावा कक्षा-पांच की वाटिका 45561, गणित ज्ञान 20500, कक्षा-सात की दीक्षा, संस्कृत मंजूषा एवं अंग्रेजी की 34324-34324 पुस्तकें आ गई हैं। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता अमित कुमार राय ने बताया कि जिले को उपलब्ध पाठ्य पुस्तकों का सत्यापन जनपदीय समिति से कराया गया है। बच्चों में वितरित करने के लिए किताबों को संबंधित बीआरसी को भेजा जा रहा है।
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