गाजीपुर। महिला सहायता प्रकोष्ठ व परिवार परामर्श केंद्र की पहल पर रविवार को चार परिवारों में फिर से खुशियां लौट आई हैं। जबकि पांच मामलों में मध्यस्थता विफल होने और सात मामले में दोनों पक्षों के नहीं आने पार फाइल बंद कर दी गई। वहीं, दस मामलों में दोनों पक्षों को अगली तिथि पर बुलाया गया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने बताया कि पुलिस लाइन प्रांगण में मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत महिला सहायता प्रकोष्ठ व परिवार परामर्श केंद्र में पति-पत्नी के विवाद से संबंधित कुल 26 प्रकरण को सुना गया। इसमें चार मामलों में दोनों पक्षों की मध्यस्थता के माध्यम से विदाई कराई गई। पांच प्रकरण में मध्यस्थता विफल होने के कारण विधिक कार्यवाही का सुझाव देते हुए पत्रावली बंद कर दी गई एवं चार पारिवारिक विवाद समाप्त होने के बाद पत्रावली बंद कर दी गई, जबकि सात प्रकरण में दोनों पक्षों के अनुपस्थित होने पर पत्रावली बंद कर दी गई। शेष मामलों में अगली तिथि निर्धारित की गई। सभी प्रकरण के निस्तारण में विक्रमादित्य मिश्र, वीरेंद्र नाथ राम, कमरूद्दीन पूजा श्रीवास्तव, मनोरमा राय, रागिनी चौबे, सबिता, अभिलाषा, शिवशंकर, उर्मिला गिरी आदि रहे।