गाजीपुर। टूटते रिश्तों को जोड़ने की दिशा में महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र की पहल रंग ला रही है। आपसी मतभेद के चलते अलग रह रहे पांच दंपतियों ने रविवार को गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे का हाथ थामा और मुस्कुराते हुए घर लौटे।
पुलिस अधीक्षक डॉ.. ईरज राजा ने बताया कि रविवार को आयोजित परामर्श सत्र में पति-पत्नी विवाद से जुड़े कुल 22 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इनमें लंबे समय से विवादित चल रहे पांच मामलों में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर काउंसिलिंग की गई। समझौता और मध्यस्थता के बाद सभी दंपती आपसी सहमति से साथ रहने को तैयार हो गए और उनकी सकुशल विदाई कराई गई। इसके अलावा छह मामलों में समझौता होने पर पत्रावली बंद कर दी गई, जबकि पांच प्रकरणों में विधिक सलाह देकर निस्तारण किया गया। शेष मामलों में सहमति न बनने पर अगली तिथि तय की गई है। इन मामलों के निस्तारण में विक्रमादित्य मिश्र, वीरेंद्र नाथ राम, कमरूद्दीन, मनोरमा राय, पूजा श्रीवास्तव के साथ महिला आरक्षी संध्या, सोनाली, सविता और आरक्षी शिव शंकर यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।