कहोतरी गांव में मकान के ध्वस्त करता जेसीबी मशीन। संवाद
बिरनो। थाना क्षेत्र के कहोतरी गांव में स्थित एक विवादित मकान को पुलिस ने सिविल न्यायालय के आदेश पर बृहस्पतिवार को गिरा दिया। रामपुर मौजा और कहोतरी मौजा की सीमावर्ती के चलते यह विवाद कोर्ट में करीब 12 वर्ष से चल रहा था। इस दौरान कुछ महिलाओं और किन्नरों ने विरोध भी किया, जिन्हें पुलिस ने समझा- बुझाकर शांत करा दिया। थानाध्यक्ष बालेंद्र कुमार ने बताया कि रामपुर मौजा और कहोतरी मौजा की सीमावर्ती भूमि पर एक मकान बना था। आर्मी से सेवानिवृत्त फूलबदन ने मकान निर्माण अवैध बताते हुए करीब 12 वर्ष पूर्व कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। करीब एक सप्ताह पूर्व सिविल जज जूनियर डिविजन कक्ष संख्या आठ ने मकान ध्वस्त का आदेश जारी किया था। इस पर कोर्ट के अमीन और बिरनो पुलिस विवादित भूमि पर मकान बनाकर रह रहे रामकरण कन्नौजिया के घर गई थी और उसे एक सप्ताह के अंदर मकान खाली करने को कहा गया था। साथ ही कोर्ट के आदेश की जानकारी भी रामकरण कन्नौजिया के परिवार को दी गई थी। इसके बाद न्यायालय के आदेश का पालन करने के लिए पुलिस मौके पर पहुंची और विवादित भूमि पर बने मकान को ध्वस्त करा दिया गया। इधर कुछ महिलाएं और किन्नर मकान ध्वस्त का विरोध कर रही थीं। पुलिस ने उन्हें समझा- बुझाकर शांत करा दिया। थानाध्यक्ष बालेंद्र कुमार ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मकान को ध्वस्त किया गया है।