इसमें शामिल मिर्जापुर के गतका दल के सदस्यों ने युद्ध कला का प्रदर्शन किया। शोभायात्रा के दौरान वाहे गुरु का जयकारा गूंजता रहा।
शोभायात्रा में
आगे-आगे बच्चे डांडिया करते जा रहे थे। गुरुग्रंथ साहिब की शाही सवारी
(पालकी साहिब) पर जगह-जगह फूलों की वर्षा की गई। पालकी के पीछे पंज
प्यारे चल रहे थे।
आगे-आगे महिलाएं और बच्चे रास्ते की सफाई करते और फूल
बिछाते जा रहे थे। इसी के साथ साहिब श्री गुरुनानक देव जी महाराज के 547
वें प्रकाशपर्व का आगाज हुआ।
शोभायात्रा रामलीला, बड़ी नहर, रेलवे क्रासिंग, सरैला रोड होते देर शाम को गुरुद्वारे पहुंची। इस दौरान गतका दल
युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया। महिलाएं सबदकीर्तन करती जा रही थीं।
शोभायात्रा में सरदार निर्मल सिंह, बलबीर सिंह, सरदार परलोक सिंह, डॉ दलजीत सिंह, मंजीत सिंह, हरजीत सिंह, कमलजीत सिंह, यशवंत सिंह, प्रीतपाल
सिंह आदि मौजूद रहे।