दुल्लहपुर। विभिन्न मांगों को लेकर तीन संगठनों सर्व समाज विकास मंच, जनकल्याण विकलांग सेवा समिति एवं राष्ट्रीय दिव्यांग सेना के पदाधिकारियों और सदस्यों ने शनिवार को जखनिया तहसील गेट पर धरना दिया। मौके पर पहुंचे एसडीएम कमलेश सिंह के समझाने पर आधे घंटे बाद धरना समाप्त हुआ। साथ ही जखनिया तहसील सभागार में दिव्यांगों और अधिकारियों की बैठक हुई।
दिव्यांगों ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है। तीनों संगठन लंबे समय से दिव्यांगों की मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। लेकिन, नतीजा सिफर निकल रहा है। हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है। यहां तक कि भूमिहीन दिव्यांगों को भूमि भी उपलब्ध नहीं कराई गई। जन कल्याण विकलांग सेवा समीति के प्रबंधक राम विजय चौहान ने बताया कि दिव्यांगों को पेंशन, आवास, भूमि, शौचालया आदि योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। दिव्यांगों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं किया गया तो वह फिर से धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। वहीं सीओ बलराम भुडकुडा, शादियाबाद, बहरियाबाद थाने की पुलिस संग मौके पर डटे रहे। मौके पर भारी पुलिस फोर्स की तैनाती देखी गई। इस मौके पर अजय विक्रम, अरविंद चौहान, सचिन चौहान, उमाशंकर चौहान, सेवक चौहान आदि मौजूद रहे।
दिव्यांग संगठन के नेताओं को किया नजरबंद
दुल्लहपुर। दो दिन पूर्व दिव्यांग संगठनों की ओर से उच्चाधिकारियों को पत्रक भेजकर कहा गया कि वह अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय का घेराव करेंगे। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। कमलेश राम को चक फातमा उर्फ बैरक, विजय चौहान को बहरियाबाद थाना क्षेत्र के ढिठईपुर व जखनिया के कवला स्थित चकी पांडेय को उनके आवास पर दो दिनों तक नजरबंद कर दिया गया। इसके बाद अधिकारी सुबह इन दिव्यांग संगठनों के पदाधिकारियों के आवास पर पहुंचे। उन्होंने मांगों को लेकर बैठक करने का निर्णय लिया। लेकिन, जखनिया तहसील पहुंचते ही दिव्यांग गेट पर धरने पर बैठ गए।
एसडीएम पर लगाया आरोप
दुल्लहपुर। सर्व समाज विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश राम ने पत्रकारों से बातचीत में उप जिलाधिकारी और कोतवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि दोनों अधिकारी किसी फरियादी की फरियाद नहीं सुन रहे हैं। पूर्व में भ्रष्टाचार के कारण घटारो में किसान की हत्या हो गई। इस संबंध में उप जिलाधिकारी कमलेश सिंह ने कहा कि सभी आरोप निराधार हैं।