गाजीपुर। जिम्मेदारों की लापरवाही से सभी गरीबों को पक्का मकान दिलाने का सपना जनपद में अधूरा रह गया। जनपद की 30 ऐसी ग्राम पंचायतें हैं, जहां किसी पात्र को इस योजना का लाभ अब तक नहीं मिल पाया। वजह प्रधानमंत्री आवास योजना लागू होने के बाद से इन गांवों को सूची में ही नहीं शामिल किया गया था। हालांकि अब शासन के नये निर्णय के बाद प्राथमिकता के तौर पर इन गांवों को आवास प्लस की सूची में शामिल कर लिया गया है। सर्वे के लिए जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 1238 सर्वेयर की टीम गठित की गई है। सर्वे का कार्य इसी माह में शुरू होगा।
जनपद में 1238 ग्राम पंचायतें हैं। इन ग्राम पंचायतों में 30 ग्राम पंचायतों के पात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ योजना के लागू होने के बाद से ही नहीं मिल रहा है, जबकि वे इसके लिए प्रधान, ब्लॉक मुख्यालय से लेकर मुख्यमंत्री दरबार तक चक्कर काट रहे थे। मामला ऊपर जाने पर ब्लाॅक स्तर के अधिकारी किसी तरह से पात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराते थे। लेकिन, ये गांव किस स्तर से अधिकारियों की ओर से छोड़ दिए गए का जवाब किसी के पास नहीं था। जबकि कुछ गांवों के लोगों ने इसके लिए प्रदर्शन तक किया। लेकिन, आवास प्लस सूची में अधिकारी-कर्मचारी चाहकर भी किसी पात्र का नाम नहीं शामिल कर पाते थे। इनमें रेवतीपुर, मरदह और भदौरा ब्लाक के दो-दो ग्राम पंचायत, भांरवकोल, करंडा ब्लाक के तीन-तीन ग्राम पंचायत और सबसे अधिक मनिहारी ब्लाॅक के 19 ग्राम पंचायतें शामिल थीं। हालांकि अब हो हल्ला मचने के बाद उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी हुई। वे नये सिरे से शुरू हो रहे सर्वे में इन गांवों को प्राथमिकता के तौर पर शामिल करने का निर्णय लिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक इन ग्राम पंचायतों की अलग से सूची बनाई गई है। इसके लिए ग्राम पंचायत सचिव को जिम्मेदारी दी गई है।
आवास प्लस सूची में शामिल नहीं थे ये ग्राम पंचायतें
ब्लाक-ग्राम पंचायत
भदौरा : फरीदपुर, देहवल
भांवरकोल : मिश्रौलिया, जगदीशपुर खास, मलिकपुरा
करंडा : नरायनपुर, रेवसा, सराय मुहम्मद
मनिहारी : हरिहरपुर, टोडरपुर, सुजनीपुर, बुजुर्गा, धांवा मोहब्बतपुर, बढ़नपुर, बल्लीपुर, चक महताब, मोहबतपुर, बभनौली, कटघरा, खतीरपुर, टड़ियाव, गोपपुर, मधुबन, मुबारकपुर कुदुरतुल्ला, सुल्तानपुर बैरीसाल, गोपपुर
मरदह : अरखपुर, पलहीपुर
रेवतीपुर : डारीडीह, बडौरा
ऐसे परिवार होंगे पात्र
कच्ची दीवार और कच्चे मकान में रहने वाले
आवास विहीन परिवार
आश्रय विहीन परिवार
हाथ से मैला ढोने वाले परिवार
बेसहारा और भिक्षाटन करके जीवन यापन करने वाले परिवार
आदिम जनजातीय समूह
वैधानिक रूप से मुक्त कराये गए बंधुआ मजदूर
आवास प्लस में 30 ग्राम पंचायतों का नाम प्रदर्शित नहीं हो रहा था। इससे वहां के पात्रों को लाभ नहीं मिल पा रहा था। हालांकि अब नये सिरे से सर्वे कराया जा रहा है, जो पात्र होंगे उन्हें आवास योजना का लाभ दिया जाएगा।- संतोष कुमार वैश्य, सीडीओ