देवोत्थान एकादशी पर रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। इस दौरान गन्ने का मंडल सजा कर तुलसी की शादी रचाई गई। श्रद्धालुओं ने व्रत धारण किया।
शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में देवोत्थान एकादशी का पर्व रविवार को परंपरागत तरीके से मनाया गया। इस मौके पर महिला और पुरुषों ने व्रत रखा। शाम को अधिकांश घरों में मंगल गीत के बीच तुलसी विवाह संपन्न हुआ। महिलाओं ने अपने तुलसी चौरा को सजा-संवार कर शाम को पूजा किया। इस दौरान कई लोग निर्जला व्रत रहे। मुहम्मदाबाद संवाददाता के मुताबिक नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र में देवोत्थान एकादशी पूरी श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस मौके पर लोगों ने गंगा में डुबकी लगाकर एवं व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा किया। लोगों ने घरों के अंदर ईख का मंडप बनाकर एवं ठाकुर जी की पूजा करके उन्हें जगाया। हवन पूजन एवं आग तपाकर नए गुण ईख आदि का नेवान किया जाता है। महिलाओं ने तुलसी का विवाह सम्पन्न कराया। इस दिन से जाड़े की शुरूआत मानी जाती है।