ताड़ीघाट रजवाहा में मौजूद पानी। संवाद
सुहवल। सिंचाई विभाग की ओर से रविवार को करीब पांच दिन बाद ताड़ीघाट रजवाहा में पूरी क्षमता से पानी छोड़ा गया। रजवाहा में पानी पहुंचने के बाद किसान धान के खेतों की सिंचाई और रोपाई की तैयारियों में जुट गए।
अमर उजाला में गंगा का जलस्तर बढ़ा पर नहरों और माइनर में अब तक नहीं छोड़ा पानी शीर्षक से 5 अगस्त को पेज संख्या 3 पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी। इसके बाद सिंचाई विभाग हरकत में आया।
स्थानीय किसान बाउल सिंह, राजू श्रीवास्तव, अनीश, हरिपाल राय, रामदुलार और झब्बू यादव के मुताबिक रजवाहा में पानी करीब 14 दिन से बंद था। ताड़ीघाट रजवाहा से जुड़े क्षेत्र में लगभग पांच हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती की जाती है।
यह रजवाहा दर्जनों गांवों के किसानों को सिंचाई की सुविधा प्रदान करता है। क्षेत्र में पर्याप्त बारिश न होने और नहरों-माइनरों में पानी की कमी के कारण किसान काफी समय से परेशान थे।
सिंचाई विभाग के उपखंड अधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि किसानों की आवश्यकता को देखते हुए रविवार को ताड़ीघाट रजवाहा में पूरी क्षमता से पानी छोड़ा गया है। विभाग का प्रयास है कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सके।