मौधा। सैदपुर नगर में डेंगू के असर ने जोर पकड़ लिया है। बीते एक सप्ताह में सैदपुर सीएचसी में अलग-अलग स्थानों से आए मरीजों में लगभग 24 से अधिक की एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इसमें सैदपुर नगर की एंजिल मोदनवाल, सैदपुर के वार्ड नंबर पांच के सभासद आलोक यादव, हुस्नारा बेगम, राजेश शर्मा, राकेश चौरसिया, शैल कुमारी और अंश चौरसिया आदि की रैपिड एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट पाजिटिव आई है। सैदपुर नगर के अमित सेठ ने बताया कि वार्ड नंबर दस में गंदगी के चलते डेंगू जनित मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ गया है। इससे उनके परिवार में चाचा शिशिर और भाई रमन सहित पांच लोग डेंगू के शिकार हो गए हैं। सभी का इलाज वाराणसी में कराना पड़ा। वहीं सैदपुर वार्ड नंबर 12 के निवासी राकेश चौरसिया ने बताया कि उनकी मां और बेटा समेत घर के छह लोग डेंगू की चपेट में आ गए थे। सैदपुर के समाजसेवी सोनू पंडित ने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में स्वच्छता अभियान को सही तरीके से संचालित करने के नाम पर सैदपुर नगर पंचायत को कागजों में चौथा स्थान भले ही मिल गया हो, लेकिन हालत इसके ठीक विपरीत है। सैदपुर सीएचसी के मेडिकल आफिसर डा. बीके राय ने बताया कि डेंगू के संदिग्ध मरीजों की संख्या तो अवश्य बढ़ी है। प्लेटलेट्स भी तेजी से कम हो रहे हैं। सही जांच करा कर उनका समुचित इलाज भी किया जा रहा है। अनौनी पीएचसी के अधीक्षक डा. प्रकाश पांडेय का कहना है कि अगर एलाइजा जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आती है। तभी डेंगू माना जाना चाहिए। इस समय सर्दी, खांसी, जुकाम वाले मरीज अधिक आ रहे हैं। इन्हें खून की जांच की सलाह दी जा रही है। बहुत से लोग एनएसएक जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर ही घबरा जा रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में एलाइजा जांच सभी को कराने की सलाह दी जाती है।
बरतें सावधानी:
0 स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में 1.50 लाख से पांच लाख तक प्लेटलेट्स होना चाहिए।
0 लगातार तीन दिन बुखार आने के बाद जांच कराना जरूरी है।
0 जांच रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सक के निर्देशों का पालन करें।
0 20 हजार से नीचे प्लेटलेट्स आने पर अस्पताल में भर्ती हों। 50 हजार तक घबराने की जरूरत नहीं।