गाजीपुर। छह महीने से वेतन भुगतान नहीं होने और अन्य मांगों को लेकर जल निगम शहरी के कर्मियों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। उन्होंने मुंह व बांह पर काली पट्टी बांधकर मौन प्रदर्शन कार्यालय परिसर में किया। अंत में मौके पर पहुंचे तहसीलदार दिनेश श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक सौंपा।
उप्र जल निगम संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदर्शन किया गया। वहीं पत्रक के माध्यम से कहा गया कि बीते छह महीने से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। विभाग की स्थिति में सुधार के लिए शासन की ओर से सितंबर वर्ष 2021 में विभाजन किया गया। लेकिन, जल निगम शहरी की वित्तीय स्थिति पहले से और अधिक दयनीय हो गई।
एक समय विभाग 26 हजार कर्मियों का भुगतान करता था। लेकिन, आज 5060 कर्मियों का ही भुगतान किया जा रहा है। विभाग के कर्मी आज भी सातवें की जगह पर छठवें वेतनमान में हैं। महंगाई भत्ता भी सातवें के बजाए छठवें वेतनमान की दर से दिया जा रहा है।
आधा-अधूरा वेतन व पेंशन भी पांच-छह महीने तक टकटकी लगाए रखने के बाद एक महीने के भुगतान पर आकर अटक जाता है। 14 वर्षों से कर्मियों को कोई बोनस नहीं दिया गया है। पदोन्नति आदि की बात सोचना ही बेमानी है। बार-बार समस्याओं को रखने के बाद भी निराकरण नहीं किया गया।
पांच वर्षों से संगठन से वार्ता करने तक को कोई तैयार नहीं है। अंत में विवशता में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर एई टीके जैन, स्वागतम, देवेंद्र मौर्या, अजय, जितेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।