सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के विरोध में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को कर्मचारी कामकाज से विरत रहे। कलमबंद हड़ताल के दूसरे दिन धरना दिया गया और राज्य कर्मचारियों ने सरकार
की नीतियों की खुलकर आलोचना की। धरना सभा में परिषद के जिलाध्यक्ष अंबिका प्रसाद दूबे ने कहा कि अगर सरकार ने कर्मचारी और शिक्षकों की मूलभूत समस्याओं का निराकरण नहीं किया तो 23 फरवरी 2016 से प्रदेश
व्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी अब चुप बैठने वाले नहीं है। उन्होंने कर्मचारियों से एकजुट होकर हक के लिए आगे आने की अपील की। वरिष्ठ उपाध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें काफी समय से लंबित है। सरकार
कर्मचारियों से वादा खिलाफी कर रही है। दो दिनों तक चले राज्यकर्मियों की हड़ताल के चलते विभिन्न विभागों में कामकाज प्रभावित रहा। कुछ कार्यालयों में अधिकारी तो थे लेकिन कर्मचारी नहीं थे। फरियादियों को निराश होकर
लौटना पड़ा।
धरना सभा में अनंत सिंह, सुरेंद्र प्रताप, अभय सिंह, वृदा सिंह, अंजू सिंह, पुष्पा ओझा, रमा त्रिपाठी, संजय राय, नागेंद्र यादव, रामप्रताप यादव, अभय राज सिंह, अखिलेश यादव, संजय दूबे, तारा सिंह, रामप्रकाश राय, श्रीकांत राय, राकेश
सिंह, रामराज कुशवाहा, विवेक सिंह शम्मी, अरूण सिंह, सुनील सिंह, जितेंद्र यादव, एसपी गिरी, दीनानाथ कुशवाहा, भोलानाथ सिंह, आरएम राय, ईश्वर यादव, राजेंद्र यादव, नवीन खरवार, संतोषी राय, मनोज राय, दानिश अहमद, मदन
यादव, भानू श्रीवास्तव, सुभाष सिंह, गोपाल खरवार, चंद्रिका यादव तथा बालेंद्र त्रिपाठी मौजूद रहे। अध्यक्षता अरविंद नाथ राय और संचालन जिला मंत्री ओमप्रकाश यादव ने किया।