अपर सत्र न्यायाधीश/एमपीएमएलए कोर्ट दुर्गेश की अदालत ने वर्ष 1996 के गैंगस्टर के मुकदमे में मुख्तार अंसारी और भीम सिंह के मामले में शुक्रवार को आरोपियों के तरफ से बहस हुई। बहस पूरी नहीं हो सकी, शेष बहस के लिए 12 दिसंबर की तिथि नियत की है।
मालूम हो कि 3 अगस्त 1991 को दिन में करीब एक बजे अजय राय भाई अवधेश राय के साथ अपने वाराणसी स्थित मकान के गेट पर खड़े थे। इतने में एक सफेद रंग की मारुति वैन आई जिसमें मुख्तार अंसारी सहित कुछ लोग मौजूद थे। वे लोग गाड़ी से उतरे और ताबड़तोड़ अवधेश राय पर फायर कर दिया।
सभी के हाथ में असलहे थे। उन लोगों ने मारुति वैन से भागने का प्रयास किया। इस दौरान अजय राय ने भी अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायर किया। इसके बाद सभी लोग गाड़ी छोड़ कर भाग गये। अजय राय अपने भाई को कबीर चौरा अस्पताल ले गए जहां पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया था। इन्हीं मामलों को लेकर मुख्तार अंसारी और भीम सिंह के विरुद्ध थाना कोतवाली में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया था और मामला अदालत में है।