विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के सदस्यों ने सोमवार को बांह पर काला फीता बांधकर लाल दरवाजा स्थित पावर हाउस पर धरना देकर विरोध दिवस मनाया। इस मौके पर समिति के संयोजक निर्भय नारायण सिंह ने बताया
कि 17 सूत्री मांगों का एजेंडा प्रदेश के मुखिया के सामने प्रस्तुत किया जा चुका है। इसके बावजूद भी अभी तक समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया। इसको लेकर कर्मचारियों में नाराजगी है।
उन्होंने कहा कि सरकार की उपेक्षा के विरोध में प्रथम चरण में 4 नवंबर तक बांह पर काला फीता बांधकर विरोध दिवस मनाया जाएगा। दूसरे चरण में 5 नवंबर से सभी विद्युतकर्मी उपवास करेंगे। इसके बाद भी मांगों का निराकरण
नहीं हुआ और विद्युत कर्मियों पर दर्ज किए गए फर्जी मुकदमों को वापस नहीं लिया जाता है तो 6 नवंबर से सभी कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने दो वर्षों से बकाया अनुग्रह राशि का भुगतान दीपावली से
पहले विद्युत कर्मियों को करने की मांग की। वरिष्ठ नेता पीएन तिवारी ने सरकार से राज्य विद्युत परिषद के गठन की मांग की। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मियों का भुगतान विभाग से सीधे चेक के माध्यम से किया जाए। शिवदर्शन
सिंह ने कहा कि तृतीय श्रेणी के पदों पर कार्यरत कार्यालय सहायक एवं समकक्ष 4200 रुपये ग्रेड पे पाने वाले , चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तथा 6600 ग्रेड-पे पाने वाले कर्मियों का वेतन 1 जनवरी से बढ़ाया जाए। सुरेश सिंह ने 2007 से
संविदाकर्मियों के ईपीएफ धनराशि में की गई गड़बड़ी की सीबीआई जांच की मांग की। इस अवसर पर इंद्रपाल सिंह, प्रवीण सिंह, संजय यादव, भानु प्रताप कुशवाहा, शशिकांत, पीतांबर, रविंद्र सिंह, पंकज सिंह, रिंकू राय, अजय विश्वकर्मा, जाकिर अली आदि मौजूद रहे। विरोध दिवस की अध्यक्षता विजयशंकर राय एवं संचालन अरविंद कुशवाहा ने किया।
उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के सदस्यों की बैठक सोमवार को ददरी घाट स्थित संकट मोचन मंदिर पर हुई। इस मौके पर बद्री प्रसाद ने कहा कि अधीक्षण अभियंता परिक्षेत्र में कर्मचारियों का आर्थिक
शोषण और मानसिक शोषण किया जा रहा है। पावर कार्पोरेशन प्रबंधन के आदेश के बाद भी किसी कर्मचारी को चेक के माध्यम से न्यूनतम वेतन का हिसाब नहीं दिया जा रहा है। इसको लेकर कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। इस अवसर पर लक्ष्मी पटेल, कैलाश कुशवाहा, सोना, मंजीत, गणेश तिवारी आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता देवेंद्र कुमार पांडेय ने की।