एमपी/एमएलए कोर्ट ने 14 वर्ष पूर्व गैंगस्टर एक्ट के मामले में बसपा सांसद अफजाल अंसारी को आरोप निर्धारण के लिए छह सितंबर की तिथि नियत की है। उल्लेखनीय है कि न्यायालय ने आरोप मुक्त करने संबंधी प्रार्थना पत्र खारिज कर शनिवार को आरोप तय करने की तारीख निर्धारित की थी।
मालूम हो कि 22 नवंबर 2007 को मुहम्मदाबाद पुलिस ने भांवरकोल और वाराणसी के मामले में गिरोह अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें सांसद अफजाल अंसारी जमानत पर हैं। उनकी तरफ से आरोप मुक्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। जिसमें कहा गया था कि 1985 से 2001 तक विधायक रहे हैं मुख्तार अंसारी उनके भाई हैं और एजाजुल बहनोई हैं। ये लोग भी जनप्रतिनिधि हैं। सिबगतुल्लाह अंसारी से 20 वर्षों से अलग रह रहे हैं। संयुक्त संपत्ति मानते हुए कुर्की की कार्यवाही की गई, जिसकी जांच होने के बाद संबंधित पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई हुई और संपत्ति वापस कर दी गई। ऐसे में उनकी राजनीतिक छवि धूमिल करने के उद्देश्य से उन्हें आरोपी बनाया गया है। उन्होंने खुद को आरोप मुक्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। बृहस्पतिवार को हुई सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एमपी/एमएलए कोर्ट ने प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए आरोप तय करने के लिए शनिवार को तिथि नियत की थी। लेकिन सांसद अफजाल अंसारी ने न्यायालय में उपस्थित होकर कुछ समय देने का प्रार्थना पत्र दिया, जिसको स्वीकार करते हुए न्यायालय ने आरोप के लिए अगली तिथि छह सितंबर तय की है।