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40 हजार से अधिक वृद्धों ने नहीं कराई ई-केवाईसी

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शासन की ओर से कल्याण सेक्टर के विभिन्न विभागों के पेंशनरों को आधार ई-केवाईसी कराने का फरमान जारी किया है। अब तक जिले के 40 फीसदी से अधिक वृद्धा पेंशनर ई-केवाईसी नहीं कराएं हैं। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जिले में एक लाख से ज्यादा वृद्धा पेंशन भोगी हैं, जिसमें से अब तक 60 फीसदी लाभार्थियों ने ही ई-केवाईसी कराया है। बिना ई-केवाईसी कराये पेंशनरों की अगली किस्त बाधित हो सकती है।
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सरकार की ओर से वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ पाने वाले लाभार्थियों को आधार ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। आधार प्रमाणीकरण नहीं होने की दशा में संबंधित लाभार्थियों के वृद्धा में पेंशन की किस्त जारी नहीं की जाएगी। नाम और मोबाइल नंबर में अगर संशोधन कराना है तो संबंधित लाभार्थी जनसेवा केंद्र पर डाटा सीडिंग करा सकते हैं। पेंशन के लिए एक मोबाइल नंबर का ही प्रयोग होगा, जिसमें सीडिंग के दौरान ओटीपी की जरूरत पड़ेगी। आधार प्रमाणीकरण और सीडिंग का कार्य पूरा होने के बाद ही संबंधित लाभार्थी को वृद्धा पेंशन की किस्त जारी की जाएगी। इसको लेकर समाज कल्याण विभाग की ओर से लगातार कवायद की जा रही है। इसके बावजूद लोग ई-केवाईसी को लेकर उदासीन बने हुए है। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि जिले में वृद्धा पेंशनरों की संख्या एक लाख से ज्यादा है लेकिन अभी तक करीब 60 फीसदी लाभार्थियों ने ही आधार ई केवाईसी कराया है। बताया कि अभी भी 40 हजार से अधिक पेंशनरों ने ई- केवाईसी नहीं कराया है, लिहाजा इन पेंशनरों की अगली किस्त बाधित हो सकती है। कहा कि संबंधित पेंशनर नजदीकी जनसेवा केंद्र आदि पर अपना आधार ई-केवाईसी करा लें।
जिले में एक लाख से अधिक वृद्धा पेंशन के लाभार्थी हैं, जिसे 60 फीसदी लाभार्थियों का ई-केवाईसी हो गया है। करीब 40 हजार से लोगों का ई-केवाईसी अब तक नहीं हुआ है। - रामनगीना यादव ,जिला समाज कल्याण अधिकारी।
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