फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghazipur News: डीएपी की किल्लत, किसान परेशान

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजीपुर। डीएपी की किल्लत से किसान परेशान हैं। नवंबर माह समाप्त होने में मात्र एक दिन शेष है। लेकिन खाद नहीं मिलने की स्थिति में रबी की फसल की बोआई को लेकर असमंजस की स्थिति है। अन्नदाता बाजारों से महंगे दाम पर खाद खरीदने के लिए विवश हैं। एक लाख 88 हजार हेक्टेयर में रबी के फसल की बोआई के लिए 20 हजार मैट्रिक टन डीएपी की आवश्यकता है, ऐसे में कृषि विभाग जल्द पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने का दंभ भर रहा है, जबकि फसल की बोआई पिछड़ने को लेकर किसान परेशान हैं। जिले में करीब चार लाख किसान करीब दो लाख हेक्टेयर से अधिक खेती योग्य भूमि पर अनाज का उत्पादन करते हैं। यहीं नहीं सब्जी एवं फल भी इसमें शामिल हैैं। रबी की अगेती खेती के लिए अक्तूबर एवं नवंबर माह सबसे अच्छा माना जाता है। इसके बाद दिसंबर माह के 15 दिन तक किसानों गेहूं, सरसों सहित अन्य रबी की बोआई कर लेते हैं, जिससे फसलों का उत्पादन समय से हो और फसलचक्र भी बना रहे। इधर कृषि विभाग द्वारा रबी की खेती के लिए लक्ष्य का निर्धारण भी खरीफ की क्राप कटिंग के बाद कर ली जाती है, लेकिन पर्याप्त खाद मंगाने को लेकर सार्थक कदम नहीं उठाया जाता है। इनकी लापरवाही के चलते ऐसे में किसानों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। सहकारी समितियों पर खाद न मिल पाने की स्थिति में किसान बाजारों से महंगे दामों पर खरीदने को विवश है, बावजूद महकमा पर्याप्त आपूर्ति का ताल ठोकता रह रहा है। जबकि स्थितियां यह है कि जिन समितियों पर खाद पहुंच रही है, वहां मुश्किल से तीन से चार घंटों में समाप्त हो जा रही है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि 1000 मैट्रिक टन डीएपी मंगाई गई है। जिन क्षेत्रों में दिक्कत आ रही है, उन जगहों पर वितरण कराया जाएगा, जिससे रबी की बुआई बाधित न हो।
विज्ञापन




000000

काफी समय से यूरिया और डीएपी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। सहकारी समितियों पर यूरिया नहीं मिला, तो निजी दुकानों से अधिक मूल्य देकर डीएपी खरीदना पड़ रहा है।- कमलेश यादव, हरदासपुर।

00000
रबी की फसल को इस समय डीएपी की अधिक आवश्यकता है, लेकिन सरकारी समितियों पर डीएपी की किल्लत है। इस तरफ प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। - कन्हैया कुशवाहा, खडहरा
विज्ञापन


00000
साधन सहकारी समिति नेवादा पर यूरिया और डीएपी की किल्लत काफी दिनों से हैं। इस बार काफी दिनों बाद खाद तो आई लेकिन अभी तक कुछ ही किसानों को मिल पाया।- रामनाथ यादव, महुवारी उर्फ अफलेपुर

0000000000
सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा मे डीएपी नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। समय से खाद नहीं मिलने पर दुकानों से खरीदना पड़ रहा है। - गोपाल जी राय, कमसड़ी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें