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डीएपी : सुबह से लगा रहे कतार फिर भी किसानों के हाथ खाली

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गाजीपुर। रबी की सीजन की बोआई के लिए किसानों को खाद की जरूरत है, लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी किसानों को पर्याप्त डीएपी नहीं मिल पा रही है। वजह सहकारी समितियों पर पर्याप्त उर्वरक मौजूद नहीं होना बताया जा रहा है।
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जमानिया: हेतिमपुर स्थित पीसीएफ गोदाम पर खाद पाने के लिए किसानों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। सुबह छह बजे से कतार लगाने के बाद कुछ किसानों को खाद मिला, कुछ खाली हाथ लौट गए।
किसानों का कहना है कि बीते शुक्रवार को जिनको टोकन दिया गया था, अगले दिन उन्हीं को डीएपी का वितरण किया गया।
आरोप है कि पीसीएफ गोदाम समय से नहीं खुलता है। कभी साढ़े 11 तो कभी 12 बजे कर्मचारी आते हैं जबकि किसान सुबह ही पहुंच जाते हैं। प्रति किसान तीन बोरी डीएपी मिल रही है। उनको अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए निजी दुकानों का सहारा लेना पड़ रहा है। बीते 30 नवंबर को सपा युवजन सभा के प्रदेश सचिव विजय यादव के नेतृत्व में किसानों ने एसडीएम कार्यालय में खाद की कमी को लेकर ज्ञापन सौंपा था।
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पीसीएफ गोदाम हेतिमपुर के सचिव राजेश यादव का कहना है कि एनपीके व डीएपी स्टॉक में मौजूद है। किसानों की संख्या को देखते हुए इनका वितरण किया जा रहा है। पहले प्रति किसान दो बोरी, अब प्रति किसान तीन बोरी खाद का वितरण किया जा रहा है।
भीमापार : स्थानीय साधन सहकारी समिति पर डीएपी नहीं है। पांच दिन पहले एक ट्रक एनपीएस व एक ट्रक डीएपी आई थी, जो वितरित हो चुकी है। इसके बाद भी किसानों को खाद की जरूरत है। वर्तमान में साधन सहकारी समिति पर खाद नहीं होने के कारण सन्नाटा पसरा हुआ है। हालांकि समिति का दावा है कि जल्द ही खाद आने वाली है। वहीं जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि एक रैक (2600 मीट्रिक टन) खाद आ चुकी है, जिसका वितरण जल्द ही शुरू होने वाला है। जमानिया क्षेत्र में खाद भेजना शुरू कर दिया गया है। सोमवार को 800 मीट्रिक टन डीएपी आने वाली है।
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