जनपद में सड़क हादसे में तेजी से इजाफा हुआ है। जनवरी से मई माह तक के आंकड़ों को देखा जाए तो करीब 98 जगहों पर सड़क हादसे हुए हैं। जिसमें हादसों में करीब 244 लोग घायल हो गए। जबकि मरने वाले की संख्या 78 के करीब है। सड़कों की खस्ता हालत सड़क हादसों की मुख्य वजह बन रही है। नगर सहित ग्रामीण इलाके में आधा दर्जन से अधिक जगहों को डेंजर जोन घोषित किया गया है, लेकिन इनमें से केवल दो स्थानों पर ही चेतावनी बोर्ड लगा है।
सड़कों पर तेज रफ्तार से दौड़ रही बाइक और चार पहिया वाहन दुर्घंटना को तेजी से दावत दे रही है। खासकर टीन एजर्स के हाथ में स्टेयरिंग होने से सड़क हादसे तेजी से बढ़ रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस यातायात माह नवंबर में यातायात जागरूकता अभियान चलाकर दुर्घंटना से बचने और सावधानी पूर्वक बाइक और चार पहिया वाहन चलाने के बारे में लोगों बताने का काम किया जाता है। इसके बावजदू सड़क हादसा रूकने का नाम नहीं ले रहा है। सड़क हादसों की मुख्य वजह तेज रफ्तार बनती जा रही है।
जबकि यातायात विभाग की ओर से सड़क हादसों को रोकने के लिए शहर सहित ग्रामीणों क्षेत्र के इलाकों के मुख्य सड़कों पर चेक पोस्ट के साथ पुलिस की तैनात रहती है। बावजूद सड़क हादसों के आकड़ों में कमी आने का नाम नहीं ले रहा है। यातायात विभाग की ओर से शहर के रौजा, स्टीमरघाट, भुतहिया टांड चौराहा, लालदरवाजार और मेदनीपुर चौराहा, कठवामोंड़ चौराहा, सैदपुर, मुहम्मदाबाद और जमनिया तहसील के मुख्य सड़कों को एक्सीटेंड जोन घोषित है। एहतियातन पुलिस की तैनाती भी की गई है।
लेकिन आए दिन दुर्घंटना होती रहती है। स्वास्थ्य तथा पुलिस महकमे की माने तो जनवरी से मई माह तक में करीब 98 जगहों पर सड़क हादसे हुए हैं। हादसे में करीब 244 लोग घायल हो गए। जबकि मरने वाले की संख्या 78 है।