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दोषियों को दंडित करने की मांग

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कासिमाबाद। मुख्यमंत्री राहत कोष में सफाई कर्मियों की ओर से दी गई धनराशि में किया गया घोटाला अब तूल पकड़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को भाजपा मंडल अध्यक्ष संतोष गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उप जिलाधिकारी कासिमाबाद को पत्रक देकर दोषियों को दंडित करने की मांग की।
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कासिमाबाद विकासखंड अपने कारनामे को लेकर पिछले एक सप्ताह से लगातार चर्चा में है।
लॉकडाउन प्रारंभ होने के बाद आठ मार्च को ब्लॉक के 231 सफाई कर्मियों से प्रति सफाई कर्मी एक-एक हजार रुपयेे कोरोना-19 महामारी को देखते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष में दान देने के लिए खंड विकास अधिकारी केके सिंह की सहमति पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत अशोक यादव द्वारा लिया गया था। इस तरह दो लाख 31 हजार रुपए में से केवल 109000 ही मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा किए गए हैं। इस घोटाले की खबर अमर उजाला में प्रमुखता से 18 मई के अंक में प्रकाशित हुई थी। धीरे-धीरे मामला काफी जोर पकड़ लिया और लोग इसकी जांच की मांग करने लगे। गुरुवार को भाजपा मंडल अध्यक्ष संतोष गुप्ता के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित पत्र उप जिलाधिकारी कासिमाबाद रमेश मौर्य को देकर विकासखंड की कई ज्वलंत समस्याओं से अवगत कराते हुए जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।
अपनी मांगों में प्रमुखता से सफाई कर्मियों द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में दी गई धनराशि में घोटाले के साथ 99 ग्राम पंचायतों के प्रधानों की ओर से उनके एक माह का मानदेय पैंतीस सौ रुपए मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए जाने में भी घोटाले किए जाने का आरोप लगते हुए जांच की मांग की गई है। मंडल अध्यक्ष ने पत्रक में लिखा है कि देश जहां महामारी से जूझ रहा है वही भ्रष्ट अधिकारी अपने कारनामों से भ्रष्टाचार करने में लगे हुए हैं। मंडल अध्यक्ष ने इस घोटाले में जिला स्तर के उच्चाधिकारी के भी शामिल होने की बात करते हुए किसी निष्पक्ष अधिकारी से जांच कराने की मांग की है। इस पत्रक में सहायक विकास अधिकारी पंचायत अशोक यादव के ऊपर सफाई कर्मियों को धमकाकर प्रति सफाई कर्मी 200 रुपये लेकर उनके पेरोल पर हस्ताक्षर किए जाने का आरोप लगाया गया है। यही नहीं मंडल अध्यक्ष ने लिखा है कि सहायक विकास अधिकारी पंचायत अपने लग्जरी वाहन के साथ पिस्टल लगाकर गांवों में सफाई कर्मियों एवं ग्राम प्रधानों को धमकाकर उत्पीड़न कर रहे हैं ।
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मंडल अध्यक्ष ने ग्राम विकास अधिकारी के पद पर रहते हुए सहायक विकास अधिकारी पंचायत का कार्यभार देने पर भी आपत्ति जताई है। मंडल अध्यक्ष ने लिखा है कि जिले में वरिष्ठ ग्राम विकास अधिकारी होने के बाद ऐसे लोगों को वरिष्ठता क्रम को नजरअंदाज करते हुए तैनाती क्यों की गई है। मंडल अध्यक्ष ने खंड विकास अधिकारी की तरफ से ग्राम पंचायतों में मनरेगा से हो रहे कार्यों में छह प्रतिशत की कमीशन मांगी जा रही है जिससे ब्लॉक के सभी ग्राम प्रधानों में रोष व्याप्त है। मंडल अध्यक्ष ने जिलाधिकारी के नाम संबोधित इस पत्र को उप जिलाधिकारी को देते हुए शीघ्र जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उप जिलाधिकारी रमेश मौर्य ने भाजपा कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि इस गंभीर प्रकरण पर दिया गया पत्र जिलाधिकारी को प्रेषित की दिया जाएगा।
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