गाजीपुर। कोरोना कर्फ्यू को दरकिनार कर लोग घरों से निकल रहे हैं। बाजारों एवं सड़कों पर एकत्र हो रही भीड़ देखकर ऐसा लग रहा है कि संक्रमण से बचाव को लेकर जागरूकता की कमी बनी हुई है। चिंता की बात तो यह है कि सड़कों पर नियम-निर्देशों का पालन कराने के लिए पुलिस भी कहीं नहीं दिखाई दे रही है।
महामारी की दूसरी लहर की भयावहता ऐसी हो चुकी है कि संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए शासन की ओर से नाइट कर्फ्यू के बाद लॉकडाउन की घोषणा की गई। अब इसकी समय-सीमा दस मई तक बढ़ा दी गई है। बावजूद इसके नगर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में लॉकडाउन बेअसर साबित हो रहा है। नगर के सिटी रेलवे स्टेशन रोड, मिश्र बाजार, महुआबाग, लालदरवाजा, सब्जी मंडी सहित प्रमुख चौराहों पर धड़ल्ले से दुकानें खोली जा रही है। संक्रमण को फैलने से रोकने को लेकर जरा भी जागरूकता नहीं दिखाई जा रही है। कुछ दिनों तक आमजन तो घरों में रहकर नियम-निर्देशों का पालन करते दिखाई पड़े, लेकिन जैसे-जैसे लॉकडाउन की समय सीमा बढ़ी लोग इसका पालन करते नहीं दिखाई पड़ रहे हैं। ऐसे मेंसंक्रमण फैलने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है। रेवतीपुर : कोरोना कर्फ्यू में बंदी का असर कम दिखा। बैंकों के खुलने की वजह से सड़कों पर लोगों की चहलकदमी ज्यादा बढ़ गई। बेवजह लोग कोई न कोई बहाना लेकर घूमते नजर आए। स्थानीय यूनियन बैंक में भी कोरोना कर्फ्यू का कोई असर नहीं रहा। लोगों की कतार ऐसी लगी थी कि लोगों के अंदर से कोरोना का भय खत्म हो चुका है। चाय-पान की दुकानों के बंद शटर के नीचे से सामान बिकते रहे। सड़कों पर बाइक, कार और पैदल लोग बे-रोकटोक चलते नजर आए। मौधा : कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए लॉकडाउन की समय सीमा तो बढ़ा दी गई है। बावजूद इसके क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में आधा शटर गिराकर दुकानें खुल रही हैं। सैदपुर कस्बे की अंदरूनी गलियों और हिस्सों के अलावा भीमापार, हसनपुर, धुवार्जुन, भितरी, सिधौना, खानपुर, मौधा, नायकडीह, सौना, सिंगारपुर, बहेरी, बहुरा आदि बाजारों में उन स्थानों पर भी दुकानें खोली जा रही हैं जहां कोरोना संक्रमण से बचाव के कोई उपाय भी नहीं हैं। अधिकांश स्थानों पर चाय, पान से लेकर हर तरह की दुकानों पर दुकानदारी हो रही है।