दुल्लहपुर। स्वामी सहजानंद सरस्वती के पैतृक गांव देवा स्थित सामुदायिक मिलन केंद्र पर शनिवार को दंडी स्वामी सहजानंद की 71वीं पुण्यतिथि समारोहपूर्वक मनाई गई। इस दौरान स्वामी सहजानंद को संगठित किसान आंदोलन का जनक बताया गया। मुख्य अतिथि वाराणसी के राजगुरु मठ के स्वामी अच्युतानंद सरस्वती ने कहा कि किसानों के हक और अधिकार को लेकर आवाज उठाने वाला दूर-दूर तक कोई नहीं दिखता। ऐसी स्थिति में उनकी कमी अखरती है। उन्होंने कहा कि सहजानंद को भारत में संगठित किसान आंदोलन का जनक माना जाता है। उन्होंने किसानों को संगठित किया और उनको जमींदारों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए संघर्ष किया। इससे पूर्व दुल्लहपुर रेलवे स्टेशन के बाहर लगी स्वामीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पूजन-अर्चन किया। इस मौके पर वशिष्ठ मुनि पांडेय, वीरभद्र राय, योगेंद्र राय, सुभाष सिंह, मोहन सिंह, राहुल सांकृत्यायन, कृष्णा पांडेय, मोहन सिंह, राजेश सिंह, राघवेंद्र ब्रह्मचारी, अनिल कुमार पांडेय, अरविंद राय, शारदा राय, मनोज चौरसिया, संजीव चौरसिया, प्रधान प्रतिनिधि चमचम चौरसिया आदि उपस्थित थे।